श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह मामला: मुस्लिम पक्ष ने हिंदू सेना के वाद में लगाया केस स्थानांतरण प्रार्थनापत्र
मथुरा में ईदगाह का सर्वे करके अमीन रिपोर्ट तैयार करने के मामले में ईदगाह पक्ष ने हिंदू सेना के वाद में केस स्थानांतरण प्रार्थनापत्र लगाया है। मंगलवार को इस पर सुनवाई हो सकती है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा में हिंदू सेना के वाद में ईदगाह की अमीन रिपोर्ट का आदेश देने वाली सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज गोंड की अदालत से केस स्थानांतरण किए जाने के लिए ईदगाह पक्ष ने जिला जज की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। इस प्रार्थनापत्र पर मंगलवार को बहस होने की संभावना है।
जब तक केस स्थानांतरण प्रार्थनापत्र पर निर्णय नहीं हो जाता तब तक सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं होगी। जानकारी रहे 11 अप्रैल का इस अदालत में पक्षकार के अधिवक्ता शैलेष दुबे द्वारा कोर्ट द्वारा ईदगाह के अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश पर रोक लगाए जाने पर अपना पक्ष रखना था।
ईदगाह के निरीक्षण की तारीख तय की जानी थी
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रार्थनापत्र पर सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 मार्च को दिए गए ईदगाह की अमीन रिपोर्ट संबंधी अपने ही आदेश को स्थगित कर दिया था। इस मामले में अमीन रिट तक जारी हो चुकी थी। उसकी सुरक्षा संबंधी आदेश भी अदालत कर चुकी थी। अमीन द्वारा ईदगाह के निरीक्षण की तारीख तय की जानी थी।
केस के स्थानांतरण के लिए दिया प्रार्थनापत्र
शुक्रवार को ईदगाह पक्ष द्वारा जिला जज की अदालत में केस के सिविल जज सीनियर डिवीजन में स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है। बताया गया है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण के संबंधित सभी 11 मुकदमे सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में चल रहे हैं इसलिए हिंदू सेना के वाद को भी इसी अदालत में स्थानांतरित किया जाए। ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि उन्होंने जिला जज की अदालत में हिंदू सेना के केस के स्थानांतरण के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है।
जिला जज की अदालत में रखेंगे तथ्य
उधर हिंदू सेना के अधिवक्ता शैलेष दुबे ने बताया कि प्रतिवादीगण केस की मैरिट पर दिए गए निर्णय से परेशान हो गए हैं। उनके केस में अदालत द्वारा मैरिट पर प्रतिवादीगण को सुनने के बाद ही अमीन रिपोर्ट का निर्णय दिया था। उनके द्वारा अदालत को गुमराह करके अमीन रिपोर्ट के आदेश को रुकवाया गया है। केस स्थानांतरण का प्रार्थनापत्र भी इसलिए दिया गया है कि 11 अप्रैल को हम अदालत के समक्ष सही तथ्य नहीं रख सकें। मंगलवार को हम जिला जज की अदालत में अपने तथ्य रखेंगे।