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Mathura News: इस्कॉन मंदिर सहित रमणरेती क्षेत्र के सैकड़ों मतदाता गायब
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इॅंस्कान मंदिर में एसआईआर फार्म जमा कराती बीएलओ।
वृंदावन। देश के विभिन्न शहरों से आकर नगर के आश्रम और मंदिरों के नाम पर मतदाता पहचान पत्र बनवाने वाले सैकड़ों लोग गायब हो गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के लिए आश्रमों एवं मंदिरों में दस्तक दे रहे बीएलओ को सैकड़ों फार्म आश्रम और मंदिरों के संचालकों ने लौटा दिए हैं। प्रशासन का शत-प्रतिशत लोगों का एसआईआर करने का दबाव और बड़ी संख्या में लोगों का गायब हो जाने से बीएलओ के पसीने छूट रहे हैं।
धर्मनगरी में देश के कोने-कोने से आकर मंदिरों और आश्रमों में रहकर हजारों लोग वृंदावनवास कर रहे हैं। रमणरेती क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर के पते पर 123 बाहरी लोगों ने मतदाता पहचान पत्र बने थे। बीएलओ बीना सैनी इस्कॉन में एसआईआर के लिए पहुंची तो वहां सिर्फ 20 लोग सामने आए और 103 लोग नहीं मिले । इसी प्रकार गौरांग आश्रम में 80 लोगों में से मात्र 20 लोगों के ही एसआईआर फार्म भर सके। 60 लोग गायब हैं। भागवत निवास, फोगला आश्रम में भी 20 प्रतिशत लोग ही मौजूद मिले। बीएलओ बीना सैनी ने बताया कि आश्रमों में 50 प्रतिशत से भी अधिक लोग गायब हैं। कुछ लोग मौजूद हैं भी तो उनका अन्य शहरों में भी मतदाता पहचान पत्र बने हैं। वह अपने मूल निवास का ही मतदान स्थल रखना चाहते हैं। वह न तो एसआईआर फार्म भर रहे हैं ना ही उस पर निरस्त करने के लिए लिखकर दे रहे हैं।
बीएलओ योगेश गोस्वामी ने बताया कि रमणरेती क्षेत्र में वृंदावनवास करने वाले लोगों ने आश्रम और मंदिरों में रहने के बाद अन्य स्थानों पर चले गए, कुछ लोग अपने मूल निवास पर लौट गए। वोटर लिस्ट एवं मतदाता पहचान पत्र में उनका मोबाइल नंबर भी नहीं जिससे संपर्क कर सकें। ऐसे में गायब लोगों की तलाश करना मुश्किल हो रहा है। आश्रम और मंदिरों के प्रबंधकों ने भी लोगों की जानकारी देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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इस्कॉन मंदिर के पीआरओ रवि लोचन दास ने बताया कि इस्कॉन में पहले विभिन्न शहरों से आकर आए रहे भक्तों ने मंदिर के पते पर मतदाता पहचान पत्र बना लिए, लेकिन अब वह कहां रहने लगे हैं। उनका कोई पता नहीं। यही कारण है कि बीएलओ को 100 से अधिक एसआईआर फार्म लौटाने पड़े हैं। इसे लेकर मंदिर में घोषणा भी करा दी, लेकिन लोग सामने नहीं आ रहे हैं।
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धर्मनगरी में देश के कोने-कोने से आकर मंदिरों और आश्रमों में रहकर हजारों लोग वृंदावनवास कर रहे हैं। रमणरेती क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर के पते पर 123 बाहरी लोगों ने मतदाता पहचान पत्र बने थे। बीएलओ बीना सैनी इस्कॉन में एसआईआर के लिए पहुंची तो वहां सिर्फ 20 लोग सामने आए और 103 लोग नहीं मिले । इसी प्रकार गौरांग आश्रम में 80 लोगों में से मात्र 20 लोगों के ही एसआईआर फार्म भर सके। 60 लोग गायब हैं। भागवत निवास, फोगला आश्रम में भी 20 प्रतिशत लोग ही मौजूद मिले। बीएलओ बीना सैनी ने बताया कि आश्रमों में 50 प्रतिशत से भी अधिक लोग गायब हैं। कुछ लोग मौजूद हैं भी तो उनका अन्य शहरों में भी मतदाता पहचान पत्र बने हैं। वह अपने मूल निवास का ही मतदान स्थल रखना चाहते हैं। वह न तो एसआईआर फार्म भर रहे हैं ना ही उस पर निरस्त करने के लिए लिखकर दे रहे हैं।
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बीएलओ योगेश गोस्वामी ने बताया कि रमणरेती क्षेत्र में वृंदावनवास करने वाले लोगों ने आश्रम और मंदिरों में रहने के बाद अन्य स्थानों पर चले गए, कुछ लोग अपने मूल निवास पर लौट गए। वोटर लिस्ट एवं मतदाता पहचान पत्र में उनका मोबाइल नंबर भी नहीं जिससे संपर्क कर सकें। ऐसे में गायब लोगों की तलाश करना मुश्किल हो रहा है। आश्रम और मंदिरों के प्रबंधकों ने भी लोगों की जानकारी देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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इस्कॉन मंदिर के पीआरओ रवि लोचन दास ने बताया कि इस्कॉन में पहले विभिन्न शहरों से आकर आए रहे भक्तों ने मंदिर के पते पर मतदाता पहचान पत्र बना लिए, लेकिन अब वह कहां रहने लगे हैं। उनका कोई पता नहीं। यही कारण है कि बीएलओ को 100 से अधिक एसआईआर फार्म लौटाने पड़े हैं। इसे लेकर मंदिर में घोषणा भी करा दी, लेकिन लोग सामने नहीं आ रहे हैं।