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Mathura News: मैली यमुना में कैसे लगाएंगे आस्था की डुबकी
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मथुरा। यमुना में गंदगी का बढ़ता स्तर श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। शहर के विभिन्न नालों के माध्यम से लगातार गंदा पानी यमुना में पहुंच रहा है। साथ ही यमुना के पानी में कूड़े के साथ घास उतरा रही है। नदी में गंदगी का आलम देखकर श्रद्धालुओं के सामने यम द्वितीया पर्व पर स्नान को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।
11 नवंबर को यम द्वितीया का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर मथुरा में यमुना स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता के चलते दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भाई-बहन के इस पर्व पर श्रद्धालु यमुना में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में यमुना की मौजूदा स्थिति पर्व की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। यमुना की दुर्दशा देखकर श्रद्धालु किस स्थिति में आस्था की डुबकी लगाएंगे। यमुना को स्वच्छ बनाने लिए नालों के गंदे पानी को नदी में गिरने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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ये बोले स्थानीय लोग
घाटों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर बाहर से आने वाले लोगों के मन में मथुरा की कैसी छवि बनेगी। पर्वों पर ही नहीं, सामान्य दिनों में भी घाटों की नियमित सफाई और व्यवस्था होनी चाहिए। -राजेश शर्मा
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यमुना घाटों पर आने वाले लोगों को साफ-सफाई के साथ बैठने, कपड़े बदलने और महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित होनी चाहिए। -ब्रज बल्लभ गोसाई
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11 नवंबर को यम द्वितीया का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर मथुरा में यमुना स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता के चलते दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भाई-बहन के इस पर्व पर श्रद्धालु यमुना में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। ऐसे में यमुना की मौजूदा स्थिति पर्व की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। यमुना की दुर्दशा देखकर श्रद्धालु किस स्थिति में आस्था की डुबकी लगाएंगे। यमुना को स्वच्छ बनाने लिए नालों के गंदे पानी को नदी में गिरने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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ये बोले स्थानीय लोग
घाटों पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर बाहर से आने वाले लोगों के मन में मथुरा की कैसी छवि बनेगी। पर्वों पर ही नहीं, सामान्य दिनों में भी घाटों की नियमित सफाई और व्यवस्था होनी चाहिए। -राजेश शर्मा
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यमुना घाटों पर आने वाले लोगों को साफ-सफाई के साथ बैठने, कपड़े बदलने और महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित होनी चाहिए। -ब्रज बल्लभ गोसाई