फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   hotal vrindawan

बिना फायर एनओसी और सुरक्षा उपकरणों के चल रहे 70 प्रतिशत होटल, रेस्टोरेंट और गेस्टहाउस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
hotal vrindawan
वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर श्रीबांके बिहारी की नगरी वृंदावन, मथुरा, गोवर्धन समेत अन्य जगह केअधिकांश होटल, रेस्त्रां और गेस्ट हाउसाें के पास फायर विभाग की एनओसी नहीं है। न ही सही सुरक्षा के उपकरण हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 70 प्रतिशत ऐसे होटल, गेस्टहाउस, आश्रम और रेस्त्रां हैं, जहां उपकरण या तो कंडम हो चुके हैं या दिखावे के लिए लगाए गए हैं। कहीं-कहीं तो दिखावा भी नहीं है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को होटल वृंदावन गार्डन में आग लगने की घटना के बाद अग्निशमन विभाग, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण, मथुरा वृंदावन नगर निगम की कलई खुल गई है। बताया जा रहा है महज तीस प्रतिशत होटल संचालकों ने ही अग्निशमन विभाग से एनओसी ले रखी है, जबकि पूरे जिले में करीब पांच हजार से अधिक होटल, रेस्त्रां, गेस्टहाउस, आश्रम व हाईराइज बिल्डिंग हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। जिसको देखते हुए शहर में तेजी से होटलों, गेस्टहाउस, रेस्टोरेंट की संख्या में इजाफा हुआ है। चौंकाने वाली बात है कि अग्निशमन विभाग ने केवल कुछ ही होटलों को एनओसी दी है।
विज्ञापन

एनओसी लेने के ये हैं नियम
बहुमंजिला इमारतों में आग से सुरक्षा के लिए हौजरील, फायर अलार्म सिस्टम, प्रिंकलर व फायर हाइड्रेंट की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। भवन के चारों ओर इतना रिक्त स्थान होना चाहिए कि आग जैसी दुर्घटना के समय फायर बिग्रेड का वाहन भवन के चारों ओर आसानी से जाकर आग बुझा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रवेशद्वार के पास वाहन नहीं होना चाहिए, जिससे किसी भी घटना के समय आसानी से लोग बाहर निकल सकें। फायर ब्रिगेड को भवन के पास तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। एक ही प्लग से बिजली के कई कनेक्शन नहीं दिए जाने चाहिए। जिस स्थान पर रसोई गैस का सिलिंडर भंडारित किया जाता है, वहां आग बुझाने के साधन होने चाहिए। भवन के पास बालू व पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। होटल,अस्पताल व अन्य प्रकार की बहुमंजिला इमारतों में स्ट्रप पम्प, फायर बीटर, सोडा एसिड, फोम व निष्क्रिय गैस भी होनी चाहिए। जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आग बुझाई जा सके। आग बुझाने के लिए एक कर्मचारी होना चाहिए जो प्रशिक्षित हो। भवन में काम करने वाले कर्मचारियों को आग बुझाने के तरीकों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

मैनेजर का गैर जिम्मेदाराना बयान
होटल वृंदावन गार्डन में अग्निकांड में जहां दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है, वहीं होटल के मैनेजर ने गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है। बसेरा ग्रुप के चेयरमैन रामकिशन अग्रवाल ने घटना के बाद से अपने दोनों मोबाइल बंद कर लिए। उनके होटल बसेरा ब्रजभूमि के मैनेजर अजय मित्तल ने मीडिया में अपनी सफाई दी। उनका कहना है कि जो दो लोगों की आग से झुलसने से मौत हुई वे बसेरा ग्रुप के कर्मचारी नहीं थे। उनका स्टोर में सोना भी गलत था। दोनों को नीचे सोना चाहिए था, पता नहीं क्यों वह दोनों ऊपर जाकर सो गए। लगता है दोनों ने शराब पी और इसके बाद मच्छर भगवाने के लिए अगरबत्ती जलाई होगी, जिससे आग लग गई। इस आग की घटना से होटल को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed