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Mathura News: सत्यापन में लापरवाही बरतने वाली 300 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का रुकेगा मानदेय
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मथुरा। पोषण ट्रैकर एप पर पोषाहार के लाभार्थियों का सत्यापन धीमी गति से करने पर जिले की 300 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का एक माह का मानदेय रुकेगा। प्रगति रिपोर्ट में इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर 20 फीसदी से भी कम लाभार्थियों के सत्यापन हो सके हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि तीन के अंदर सत्यापन कार्य ने रफ्तार नहीं पकड़ी तो कार्यमुक्त किया जाएगा।
बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2.98 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को पूरक व पुष्टाहार का वितरण भी किया जाता है। वर्तमान में नए नियम के तहत इन लाभार्थियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद लाभार्थियों को चेहरा दिखाने के बाद ही पोषाहार मिल सके। अब तक जिलेभर में 52 फीसदी लाभार्थियों के चेहरे सत्यापित हो चुके हैं। हालांकि 300 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी हैं, जहां अब तक 20 फीसदी से भी कम लाभार्थियों का सत्यापन हुआ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने सत्यापन कार्य धीमी गति से करने पर इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का एक माह का मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया है सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से 30 जून तक 40 फीसदी से अधिक सत्यापन करने के लिए कहा गया था, लेकिन 300 केंद्रों पर कार्य में शिथिलता बरती गई।
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शत-प्रतिशत कार्य कराने वाले कार्यकर्ता होंगी सम्मानित
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया है कि करीब 35 आंगनबाड़ी केंद्रों ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत सत्यापन कार्य हुआ है। ऐसे में इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को विभाग ने सम्मानित कराने का निर्णय लिया है। इन कार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत जिले की विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2.98 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को पूरक व पुष्टाहार का वितरण भी किया जाता है। वर्तमान में नए नियम के तहत इन लाभार्थियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद लाभार्थियों को चेहरा दिखाने के बाद ही पोषाहार मिल सके। अब तक जिलेभर में 52 फीसदी लाभार्थियों के चेहरे सत्यापित हो चुके हैं। हालांकि 300 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी हैं, जहां अब तक 20 फीसदी से भी कम लाभार्थियों का सत्यापन हुआ।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा ने सत्यापन कार्य धीमी गति से करने पर इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का एक माह का मानदेय रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया है सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से 30 जून तक 40 फीसदी से अधिक सत्यापन करने के लिए कहा गया था, लेकिन 300 केंद्रों पर कार्य में शिथिलता बरती गई।
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शत-प्रतिशत कार्य कराने वाले कार्यकर्ता होंगी सम्मानित
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया है कि करीब 35 आंगनबाड़ी केंद्रों ऐसे हैं, जहां शत-प्रतिशत सत्यापन कार्य हुआ है। ऐसे में इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को विभाग ने सम्मानित कराने का निर्णय लिया है। इन कार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।