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पड़वा से ब्रज के मंदिरों में बढ़ेगा होली का आनंद
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मथुरा/नंदगांव। वसंत पंचमी के बाद से शुरू हुआ ब्रज के मंदिरों में होली महोत्सव का आनंद 10 फरवरी पड़वा से और अधिक बढ़ जाएगा। ब्रज के मंदिरों में ढप की थाप पर रसियाओं का गायन होगा। यहां मंदिर के सेवायत और श्रद्धालु होली के गीतों ठाकुरजी को रिझाएंगे।
मंदिरों में होली महोत्सव को लेकर खासा उत्साह है। पूर्णिमा के बाद पड़वा से फागुन मास लगते ही ब्रजवासियों में आनंद उमड़ आता है। नंदगांव बरसाना के लोग तो लठामार होली की तैयारियों में जुट जाते हैं। प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में धमार गायन शुरू हो जाता है।
संगीताचार्य एवं नंदबाबा मंदिर के सेवायत राधारमण गोस्वामी ने बताया कि पूर्णिमा के बाद पड़वा से फागुन मास लगते ही होरी धमार प्रारंभ हो जाती हैं। ठाकुर जी पर अबीर, गुलाल, टेसू के फूलों का रंग बरसना प्रारंभ हो जाता है। नंदगांव बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली की तैयारियां जोरों से शुरू हो जाती हैं। जहां हुरियारे अपनी ढालों को सजाने, बगलबंदी सिलवाने और पागों को सुधारने लग जाते हैं, वहीं हुरियारिन भी अपनी लाठियों को तेल पिलाना शुरू कर देती हैं। अपने लहंगा फरियाओं को संवारने में लग जाती हैं। हुरियारिनों की सास, ननद हुरियारिनों को दूध, घी, मेवा युक्त हलवा खिलाना शुरू कर देती हैं ताकि उनकी हुरियारिन हुरियारों से जीत कर आए।
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सुनाए जाएंगे होली के गीत रसिया
मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में पड़वा से होली के रसियाओं का गायन शुरू हो जाएगा। मंदिर में गुलाल की होली भी शुरू हो जाएगी। इधर बरसाना के लाडली मंदिर के साथ नंदगांव में भी होली का परंपरागत शुभारंभ हो जाएगा।
फाल्गुन माह से लाडली सेवा में होगा बदलाव
राधारानी मंदिर में लाडली जी की सेवा में पूर्णिमा से मंगला आरती से लेकर सैन आरती के समय में परिवर्तन होगा। साथ ही लाडली जी के भोग में गर्म पिस्ता, केशर आदि के स्थान पर बादाम, इलायची आदि का सेवन कराया जाएगा। लाडली जी के वस्त्र भी बदले जाएंगे और होली तैयारी जोरों से शुरू होगी।
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मंदिरों में होली महोत्सव को लेकर खासा उत्साह है। पूर्णिमा के बाद पड़वा से फागुन मास लगते ही ब्रजवासियों में आनंद उमड़ आता है। नंदगांव बरसाना के लोग तो लठामार होली की तैयारियों में जुट जाते हैं। प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में धमार गायन शुरू हो जाता है।
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संगीताचार्य एवं नंदबाबा मंदिर के सेवायत राधारमण गोस्वामी ने बताया कि पूर्णिमा के बाद पड़वा से फागुन मास लगते ही होरी धमार प्रारंभ हो जाती हैं। ठाकुर जी पर अबीर, गुलाल, टेसू के फूलों का रंग बरसना प्रारंभ हो जाता है। नंदगांव बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली की तैयारियां जोरों से शुरू हो जाती हैं। जहां हुरियारे अपनी ढालों को सजाने, बगलबंदी सिलवाने और पागों को सुधारने लग जाते हैं, वहीं हुरियारिन भी अपनी लाठियों को तेल पिलाना शुरू कर देती हैं। अपने लहंगा फरियाओं को संवारने में लग जाती हैं। हुरियारिनों की सास, ननद हुरियारिनों को दूध, घी, मेवा युक्त हलवा खिलाना शुरू कर देती हैं ताकि उनकी हुरियारिन हुरियारों से जीत कर आए।
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सुनाए जाएंगे होली के गीत रसिया
मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में पड़वा से होली के रसियाओं का गायन शुरू हो जाएगा। मंदिर में गुलाल की होली भी शुरू हो जाएगी। इधर बरसाना के लाडली मंदिर के साथ नंदगांव में भी होली का परंपरागत शुभारंभ हो जाएगा।
फाल्गुन माह से लाडली सेवा में होगा बदलाव
राधारानी मंदिर में लाडली जी की सेवा में पूर्णिमा से मंगला आरती से लेकर सैन आरती के समय में परिवर्तन होगा। साथ ही लाडली जी के भोग में गर्म पिस्ता, केशर आदि के स्थान पर बादाम, इलायची आदि का सेवन कराया जाएगा। लाडली जी के वस्त्र भी बदले जाएंगे और होली तैयारी जोरों से शुरू होगी।