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...यामें जोगी कौ हुनर कौन
जितेंद्र पुजारी
Updated Tue, 17 Feb 2015 11:42 PM IST
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जितेन्द्र पुजारी
राधारानी की क्रीड़ास्थली बरसाना अबीर, गुलाल और सुगंधित पुष्पों की बरसात से सराबोर हो गई। गोस्वामी समाज के लोग ढप, झांझ, मृदंग की थाप पर थिरकते, अबीर-गुलाल छिरकते राधानगरी की कुंज गलियों से आगे बढे़ जा रहे थे।
ली का आयोजन भी होगा।
राधारानी की जन्मस्थली श्रीधाम बरसाना और श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली नंदगांव में बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव की धूम मची हुई है। नित्य प्रति समाज गायन का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को बरसाना में संध्या आरती के बाद गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसे गोस्वामी के नेतृत्व में होली की प्रथम चौपाई निकाली गई।
इस दौरान अबीर-गुलाल और पुष्प की बरसात से गलियां रंगीन हो गईं। प्रथम चौपाई कस्बे के लाडली जी मंदिर से दादी बाबा मंदिर होते हुए रंगेश्वर महादेव तक निकाली गई। गोस्वामीजनों ने होली के विभिन्न पदों का गायन किया। रूप बाबरो नन्द महर सौ वौहर वनौ होरी को गैल रोकत टोकत घूंघट खोलत भर पिचकारी तकत पुरोजन यही भरे जौवन के फैल..... बरसानौ हमारी रजधानी गहवरवन और खोर सांकरी...आदि पदों का गायन किया गया।
27 फरवरी को बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली जाएगी। 28 फरवरी होली का फगुवा लेने बरसाना के लोग नंदगांव जाएंगे। वहां भी लठामार होली का आयोजन होगा। चौपाई गायन के दौरान लीलाधर गोस्वामी, रामभरोसी गोस्वामी, बाबूलाल गोस्वामी, सत्यनाराण गोस्वामी, कृष्ण गोपाल, संजय गोस्वामी, रसिक मोहन गोस्वामी, जगन्नाथ शास्त्री, कृष्णमुरारी गोस्वामी, तुलसीराम गोस्वामी,आनंद गोस्वामी, महामंगल गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
कन्हैया ने धारण किया भगवान शंकर का रूप
बरसाना। शिवरात्रि पर बरसाना में होली की प्रथम चौपाई निकाले जाने के महत्व के बारे में संजय गोस्वामी ने बताया। मान्यता है कि कन्हैया राधाजी से मिलने के लिए तरह-तरह के वेश बनाते थे। द्वापर में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को लाडली जी अपनी सखियों के साथ नित्य की भांति संकेतवन में खेलने को नहीं जाती हैं। कन्हैया राधा रानी के दर्शन करने के लिए छद्म रूप धारणकर विलासगण पर आते हैं। राधाजी की सखियां लाडली जी से कहती हैं कि ‘बाघवर ओढ़े सावंरौ यामें जोगी कौ हुनर कौन’। राधारानी सखियों को लेकर सांखरी खोर में पहुंचकर छद्म रूपधारी भगवान श्रीकृष्ण को पहचान जाती हैं। कहती हैं ‘महामोहन ठोढ़ा सावंरौ ठाड़ौ सांकरी खोर’। इसी के साथ भगवान श्रीकृष्ण राधाजी के साथ अबीर गुलाल से होली खेलते हैं।
दूसरी चौपाई 26 को
होली की दूसरी चौपाई 26 फरवरी को निकाली जाएगी। इस दिन नंदगांव में फाग निमंत्रण दिया जाएगा। उसके बाद बरसाना में द्वितीय चौपाई निकाली जाएगी। इसी दिन लड्डू हो
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राधारानी की क्रीड़ास्थली बरसाना अबीर, गुलाल और सुगंधित पुष्पों की बरसात से सराबोर हो गई। गोस्वामी समाज के लोग ढप, झांझ, मृदंग की थाप पर थिरकते, अबीर-गुलाल छिरकते राधानगरी की कुंज गलियों से आगे बढे़ जा रहे थे।
ली का आयोजन भी होगा।
राधारानी की जन्मस्थली श्रीधाम बरसाना और श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली नंदगांव में बसंत पंचमी से ही होली महोत्सव की धूम मची हुई है। नित्य प्रति समाज गायन का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को बरसाना में संध्या आरती के बाद गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसे गोस्वामी के नेतृत्व में होली की प्रथम चौपाई निकाली गई।
इस दौरान अबीर-गुलाल और पुष्प की बरसात से गलियां रंगीन हो गईं। प्रथम चौपाई कस्बे के लाडली जी मंदिर से दादी बाबा मंदिर होते हुए रंगेश्वर महादेव तक निकाली गई। गोस्वामीजनों ने होली के विभिन्न पदों का गायन किया। रूप बाबरो नन्द महर सौ वौहर वनौ होरी को गैल रोकत टोकत घूंघट खोलत भर पिचकारी तकत पुरोजन यही भरे जौवन के फैल..... बरसानौ हमारी रजधानी गहवरवन और खोर सांकरी...आदि पदों का गायन किया गया।
27 फरवरी को बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली जाएगी। 28 फरवरी होली का फगुवा लेने बरसाना के लोग नंदगांव जाएंगे। वहां भी लठामार होली का आयोजन होगा। चौपाई गायन के दौरान लीलाधर गोस्वामी, रामभरोसी गोस्वामी, बाबूलाल गोस्वामी, सत्यनाराण गोस्वामी, कृष्ण गोपाल, संजय गोस्वामी, रसिक मोहन गोस्वामी, जगन्नाथ शास्त्री, कृष्णमुरारी गोस्वामी, तुलसीराम गोस्वामी,आनंद गोस्वामी, महामंगल गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
कन्हैया ने धारण किया भगवान शंकर का रूप
बरसाना। शिवरात्रि पर बरसाना में होली की प्रथम चौपाई निकाले जाने के महत्व के बारे में संजय गोस्वामी ने बताया। मान्यता है कि कन्हैया राधाजी से मिलने के लिए तरह-तरह के वेश बनाते थे। द्वापर में फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को लाडली जी अपनी सखियों के साथ नित्य की भांति संकेतवन में खेलने को नहीं जाती हैं। कन्हैया राधा रानी के दर्शन करने के लिए छद्म रूप धारणकर विलासगण पर आते हैं। राधाजी की सखियां लाडली जी से कहती हैं कि ‘बाघवर ओढ़े सावंरौ यामें जोगी कौ हुनर कौन’। राधारानी सखियों को लेकर सांखरी खोर में पहुंचकर छद्म रूपधारी भगवान श्रीकृष्ण को पहचान जाती हैं। कहती हैं ‘महामोहन ठोढ़ा सावंरौ ठाड़ौ सांकरी खोर’। इसी के साथ भगवान श्रीकृष्ण राधाजी के साथ अबीर गुलाल से होली खेलते हैं।
दूसरी चौपाई 26 को
होली की दूसरी चौपाई 26 फरवरी को निकाली जाएगी। इस दिन नंदगांव में फाग निमंत्रण दिया जाएगा। उसके बाद बरसाना में द्वितीय चौपाई निकाली जाएगी। इसी दिन लड्डू हो