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फागोत्सव में जमकर उड़ा रंग-गुलाल
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मथुरा। गोवर्धन दसविसा परिक्रमा मार्ग मुकुट मुखारविंद मंदिर पर फागोत्सव में हुरियारे की पिटाई क?
- फोटो : MATHURA
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गोवर्धन (मथुरा)। उड़ता रंग-गुलाल और ब्रज गीतों पर झूमते श्रद्धालु। किसी ने फूलों की होली खेली तो किसी ने रंग-गुलाल की। सब भक्त गिरिराज जी के प्रसादी रंग-गुलाल को मस्तक पर लगा कर धन्य हो रहे थे। शुक्रवार को मानसी गंगा मुकुट मुखारविंद मंदिर दसविसा में चल रहे 40 दिवसीय होली उत्सव का समापन फागोत्सव के साथ हुआ।
दसविसा ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित फागोत्सव में गिरिराज जी के प्रसादी गुलाल एक-दूसरे को लगाया। हुरियारिनों ने हुरियारों की प्रेम से पगी लाठियों से पिटाई की। सेवायतों ने गिरिराज प्रभु को गुलाल लगाया और पुष्प अर्पित किए। गिरिराज जी का पंचामृत से अभिषेक किया और ठाकुर जी का श्रीकृष्ण के स्वरूप में भव्य शृंगार कर फूल बंगला सजाया। ठाकुर जी द्वारा खेली गई होली के बाद दसविसा ब्राह्मण समाज के महिला व पुरुष सज धज कर निकले। गिरिराज जी के दर्शन किए। गिरिराज जी के मंदिर प्रांगण में ही गुलाल की होली के शुरू होते ही हुरंगा महोत्सव की शुरुआत हो गई।
हुरियारिनों ने हुरियारों की लाठी से पिटाई की। मंदिर रिसीवर रमाकांत गोस्वामी ने बताया कि वसंत पंचमी से मंदिर में रसिया एवं समाज गायन शुरू हो गए। फागोत्सव में कई मन गुलाल व पुष्पों की वर्षा हुई।
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दसविसा ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित फागोत्सव में गिरिराज जी के प्रसादी गुलाल एक-दूसरे को लगाया। हुरियारिनों ने हुरियारों की प्रेम से पगी लाठियों से पिटाई की। सेवायतों ने गिरिराज प्रभु को गुलाल लगाया और पुष्प अर्पित किए। गिरिराज जी का पंचामृत से अभिषेक किया और ठाकुर जी का श्रीकृष्ण के स्वरूप में भव्य शृंगार कर फूल बंगला सजाया। ठाकुर जी द्वारा खेली गई होली के बाद दसविसा ब्राह्मण समाज के महिला व पुरुष सज धज कर निकले। गिरिराज जी के दर्शन किए। गिरिराज जी के मंदिर प्रांगण में ही गुलाल की होली के शुरू होते ही हुरंगा महोत्सव की शुरुआत हो गई।
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हुरियारिनों ने हुरियारों की लाठी से पिटाई की। मंदिर रिसीवर रमाकांत गोस्वामी ने बताया कि वसंत पंचमी से मंदिर में रसिया एवं समाज गायन शुरू हो गए। फागोत्सव में कई मन गुलाल व पुष्पों की वर्षा हुई।
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