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जन्मस्थान पर हाई अलर्ट, द्वारिकाधीश पर नहीं
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:46 PM IST
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जन्मस्थ्ाान
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आतंकी इनपुट के बाद घोषित हाई अलर्ट में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। लेकिन अन्य मंदिरों पर स्थिति पूर्व के अनुसार ही है। यहां हाई अलर्ट नहीं दिखता।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा पहले से कड़ी है। हाई अलर्ट के बाद पहरा और कड़ा कर दिया गया है। एसपी (सुरक्षा) सिद्धार्थ वर्मा ने सीआरपीएफ, पीएसी और पुलिस के जवानों को चौकस रहने के निर्देश दिए। यहां सादा वर्दी में पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। डाग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते भी तैनात हैं। हाई अलर्ट के बाद श्रद्धालुओं की और कड़ाई से चेकिंग हो रही है। रविवार की शाम एसएसपी मोहित गुप्ता ने भी जन्मस्थान की सुरक्षा परखी।
शहर के अन्य मंदिरों पर स्थिति में परिवर्तन नहीं है। यहां हाई अलर्ट जैसा कुछ नहीं दिखता। इनमें द्वारिकाधीश जैसा प्रमुख मंदिर भी है। जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों पर भी सुरक्षा को लेकर केवल खानापूर्ति ही दिखती है। गोवर्धन के दानघाटी, जतीपुरा बलदेव के दाऊजी मंदिर, बरसाना का राधारानी मंदिर, महावन के रमणरेती, गोकुल में नंदबाबा मंदिर, रावल में राधारानी मंदिर, नंदगांव का नंदबाबा मंदिर की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। अधिकांश मंदिरों पर दो-तीन सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ये सिपाही मंदिरों में आने वालों की चेकिंग में दिलचस्पी तक नहीं लेते दिखते।
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भीड़भाड़ इलाके में बढ़ी पुलिस की तैनाती
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वाहनों की चेकिंग भी कराई जा रही है। तिराहों और चौराहों पर पुलिस पिकेट तैनात की गई हैं।
वृंदावन में भी नहीं दिखा हाई अलर्ट
प्रदेश में आतंकी खतरे के इनपुट के बाद हाई अलर्ट का असर वृंदावन के मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी देखने को नहीं मिला। प्रमुख मंदिरों के गेट से लेकर प्रांगण तक सब कुछ भगवान भरोसे ही दिखाई दिया। इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर और मां वैष्णो देवी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का भार पुलिस से अधिक निजी सुरक्षा एजेंसी के कंधों पर है।
श्री बांके बिहारी मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था के कोई व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। मंदिर के चारों गेटों से श्रद्धालुओं का बेरोकटोक आना-जाना लगा रहा। निजी सुरक्षागार्ड ही गेट पर तैनात दिखे। मंदिर के गेट नंबर 1 और 2 पर पूर्व में लगाए गए मेटल डिटेक्टर भी दिखाई नहीं दिए।
कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि विधानसभा चुनावों के समय बांकेबिहारी मंदिर की सुरक्षा को मिलने वाली गारद नहीं मिल सकी है। बांकेबिहारी पुलिस चौकी के सिपाहियों के सहारे ही मंदिर की सुरक्षा की जा रही है।
सुरक्षा में खामियां
-बांके बिहारी मंदिर के किसी भी गेट पर मेटल डिटेक्टर नहीं।
- लावारिस सामान की बहुतायत रहती है
-मंदिर के बाहर यातायात और पार्किंग भी कड़ी चुनौती।
-मंदिर के आसपास व्याप्त अतिक्रमण भी चुनौती।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा पहले से कड़ी है। हाई अलर्ट के बाद पहरा और कड़ा कर दिया गया है। एसपी (सुरक्षा) सिद्धार्थ वर्मा ने सीआरपीएफ, पीएसी और पुलिस के जवानों को चौकस रहने के निर्देश दिए। यहां सादा वर्दी में पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं। डाग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते भी तैनात हैं। हाई अलर्ट के बाद श्रद्धालुओं की और कड़ाई से चेकिंग हो रही है। रविवार की शाम एसएसपी मोहित गुप्ता ने भी जन्मस्थान की सुरक्षा परखी।
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शहर के अन्य मंदिरों पर स्थिति में परिवर्तन नहीं है। यहां हाई अलर्ट जैसा कुछ नहीं दिखता। इनमें द्वारिकाधीश जैसा प्रमुख मंदिर भी है। जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों पर भी सुरक्षा को लेकर केवल खानापूर्ति ही दिखती है। गोवर्धन के दानघाटी, जतीपुरा बलदेव के दाऊजी मंदिर, बरसाना का राधारानी मंदिर, महावन के रमणरेती, गोकुल में नंदबाबा मंदिर, रावल में राधारानी मंदिर, नंदगांव का नंदबाबा मंदिर की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। अधिकांश मंदिरों पर दो-तीन सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ये सिपाही मंदिरों में आने वालों की चेकिंग में दिलचस्पी तक नहीं लेते दिखते।
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भीड़भाड़ इलाके में बढ़ी पुलिस की तैनाती
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वाहनों की चेकिंग भी कराई जा रही है। तिराहों और चौराहों पर पुलिस पिकेट तैनात की गई हैं।
वृंदावन में भी नहीं दिखा हाई अलर्ट
प्रदेश में आतंकी खतरे के इनपुट के बाद हाई अलर्ट का असर वृंदावन के मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी देखने को नहीं मिला। प्रमुख मंदिरों के गेट से लेकर प्रांगण तक सब कुछ भगवान भरोसे ही दिखाई दिया। इस्कॉन मंदिर, प्रेम मंदिर और मां वैष्णो देवी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का भार पुलिस से अधिक निजी सुरक्षा एजेंसी के कंधों पर है।
श्री बांके बिहारी मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था के कोई व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। मंदिर के चारों गेटों से श्रद्धालुओं का बेरोकटोक आना-जाना लगा रहा। निजी सुरक्षागार्ड ही गेट पर तैनात दिखे। मंदिर के गेट नंबर 1 और 2 पर पूर्व में लगाए गए मेटल डिटेक्टर भी दिखाई नहीं दिए।
कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि विधानसभा चुनावों के समय बांकेबिहारी मंदिर की सुरक्षा को मिलने वाली गारद नहीं मिल सकी है। बांकेबिहारी पुलिस चौकी के सिपाहियों के सहारे ही मंदिर की सुरक्षा की जा रही है।
सुरक्षा में खामियां
-बांके बिहारी मंदिर के किसी भी गेट पर मेटल डिटेक्टर नहीं।
- लावारिस सामान की बहुतायत रहती है
-मंदिर के बाहर यातायात और पार्किंग भी कड़ी चुनौती।
-मंदिर के आसपास व्याप्त अतिक्रमण भी चुनौती।