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मायरी सहज जोरी प्रगट भई...
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:29 AM IST
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हरिदास संगीत सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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अखिल भारतीय स्वामी हरिदास संगीत एवं सांस्कृतिक सम्मेलन संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय हरिदास संगीत सम्मेलन एवं कला रत्न सम्मान का शनिवार को शुभारंभ हो गया। आयोजन बिहारीपुरा स्थित ठाकुर राधासनेह बिहारी मंदिर प्रांगण में हुए।
राधा प्राकट्योत्सव और संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास महाराज केे आविर्भाव महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में कथक नृत्यांगना उमा डोंगरा ने धमारताल अभिनय कर नृत्य प्रस्तुत किया। तबला वादक शैलेंद्र मिश्र और हारमोनियम वादक जाकिर धौलपुरी की धुन पर रतन मोहन शर्मा ने पद ‘मायरी सहज जोरी प्रगट भई... का गायन किया। कोलकाता की मृनालिनी बिस्वास ने शिव तांडव नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
इसके बाद सईद जफर खां ने सितार और बाबर लतीफ खां ने तबला पर संगत कर सभी को आनंदित कर दिया। सितार के साथ तबला पर उस्ताद अकरम खां और तंबूरा पर मयंक रचना ने संगत दी। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष आचार्य अतुलकृष्ण गोस्वामी, पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, डा. उमेशचंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम, देवेंद्र शर्मा, बालो पंडित आदि उपस्थित थे।
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राधा प्राकट्योत्सव और संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास महाराज केे आविर्भाव महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में कथक नृत्यांगना उमा डोंगरा ने धमारताल अभिनय कर नृत्य प्रस्तुत किया। तबला वादक शैलेंद्र मिश्र और हारमोनियम वादक जाकिर धौलपुरी की धुन पर रतन मोहन शर्मा ने पद ‘मायरी सहज जोरी प्रगट भई... का गायन किया। कोलकाता की मृनालिनी बिस्वास ने शिव तांडव नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
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इसके बाद सईद जफर खां ने सितार और बाबर लतीफ खां ने तबला पर संगत कर सभी को आनंदित कर दिया। सितार के साथ तबला पर उस्ताद अकरम खां और तंबूरा पर मयंक रचना ने संगत दी। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष आचार्य अतुलकृष्ण गोस्वामी, पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, डा. उमेशचंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम, देवेंद्र शर्मा, बालो पंडित आदि उपस्थित थे।
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