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Mathura News: उद्यमी बनने की राह पर चल पड़ी आधी आबादी
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मथुरा। जनपद में आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे युवाओं की राह आसान होने जा रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के जरिए पांच लाख रुपये तक का ऋण सरकार की गारंटी पर दिए जाने की कवायद शुरु की गई है। योजना का लाभ लेने में पुरुष आवेदकों के साथ साथ महिलाओं ने खासी रुचि दिखाई है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे नौकरी खोजने के बजाय खुद रोजगार सृजित कर सकें। इस योजना का लाभ लेने के अच्छी संख्या में युवाओं ने रुचि दिखाई है। वर्ष 2025-26 में 2028 का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 1419 पुरुष और 609 महिलाओं ने आवेदन किया। इनमें से 1700 से अधिक आवेदकों ने इस योजना से ऋण लेकर अपना व्यापार कर रहे हैं। कुछ अभी बैंकिंग प्रक्रिया में हैं। इस नए सत्र में 2500 आवेदनों का लक्ष्य मिला है, जिसमें अभी तक 150 आवेदन आ चुके हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने बताया कि योजना में 21 से 40 वर्ष आयु के न्यूनतम 8वीं पास युवा पात्र हैं। विभिन्न सरकारी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। संवाद
इन क्षेत्रों में कर सकते हैं व्यापार
योजना के तहत सेवा एवं उत्पादन आधारित कई तरह के कार्य शामिल किए गए हैं, जिससे युवा अपनी रुचि और कौशल के अनुसार उद्यम स्थापित कर सकें। फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत डेयरी, बेकरी, फास्ट फूड और आइसक्रीम निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। होम केयर प्रोडक्ट में साबुन, डिटर्जेंट, फिनाइल और अगरबत्ती निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में मशीन उपकरण, वायरिंग और मरम्मत कार्य को शामिल किया गया है, जबकि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वाहन सर्विसिंग और रिपेयरिंग के अवसर उपलब्ध हैं। इसके अलावा हेल्थ केयर में पैथोलॉजी, मेडिकल स्टोर और फिटनेस सेंटर, पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी में होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसी, टेक्सटाइल व गारमेंट में बुटीक और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों को भी योजना में स्थान दिया गया है। ब्यूटी एवं वेलनेस, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग, डिजिटल व आईटी सेवाएं, प्लास्टिक एवं केमिकल उत्पाद, लॉजिस्टिक्स और एग्री बिजनेस जैसे क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे नौकरी खोजने के बजाय खुद रोजगार सृजित कर सकें। इस योजना का लाभ लेने के अच्छी संख्या में युवाओं ने रुचि दिखाई है। वर्ष 2025-26 में 2028 का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 1419 पुरुष और 609 महिलाओं ने आवेदन किया। इनमें से 1700 से अधिक आवेदकों ने इस योजना से ऋण लेकर अपना व्यापार कर रहे हैं। कुछ अभी बैंकिंग प्रक्रिया में हैं। इस नए सत्र में 2500 आवेदनों का लक्ष्य मिला है, जिसमें अभी तक 150 आवेदन आ चुके हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने बताया कि योजना में 21 से 40 वर्ष आयु के न्यूनतम 8वीं पास युवा पात्र हैं। विभिन्न सरकारी प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। संवाद
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इन क्षेत्रों में कर सकते हैं व्यापार
योजना के तहत सेवा एवं उत्पादन आधारित कई तरह के कार्य शामिल किए गए हैं, जिससे युवा अपनी रुचि और कौशल के अनुसार उद्यम स्थापित कर सकें। फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत डेयरी, बेकरी, फास्ट फूड और आइसक्रीम निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। होम केयर प्रोडक्ट में साबुन, डिटर्जेंट, फिनाइल और अगरबत्ती निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में मशीन उपकरण, वायरिंग और मरम्मत कार्य को शामिल किया गया है, जबकि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वाहन सर्विसिंग और रिपेयरिंग के अवसर उपलब्ध हैं। इसके अलावा हेल्थ केयर में पैथोलॉजी, मेडिकल स्टोर और फिटनेस सेंटर, पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी में होटल, गेस्ट हाउस और ट्रैवल एजेंसी, टेक्सटाइल व गारमेंट में बुटीक और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों को भी योजना में स्थान दिया गया है। ब्यूटी एवं वेलनेस, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रिपेयरिंग, डिजिटल व आईटी सेवाएं, प्लास्टिक एवं केमिकल उत्पाद, लॉजिस्टिक्स और एग्री बिजनेस जैसे क्षेत्रों में भी उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं।
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