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Mathura News: 25 रुपये किलोग्राम वाला गुलाल दे सकता है त्वचा का रोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 01:15 AM IST
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Gulal costing Rs. 25 per kg can cause skin disease
मथुरा। होली यानी रंंगों का पर्व। सस्ते गुलाल के चक्कर में पड़कर खुद के साथ ही किसी को नुकसान पहुंचाने से बचें। बाजार में एक ओर 120 से 160 रुपये प्रति किलो तक गुलाल बिक रहा है। वहीं दूसरी ओर 20 से 25 रुपये प्रति किलो वाला गुलाल भी उपलब्ध है। चिकित्सकों के अनुसार, होली के अवसर पर हर्बल रंगों का ही प्रयोग करें।
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दरअसल, बाजार में उपलब्ध गुलालों में जयपुर, डीग और भरतपुर से आने इस गुलाल में लाल पत्थर का चूरा भी मिला आ रहा है। कई बार लोग सस्ते के चक्कर में खराब गुलाल खरीद लेते हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि रंगों में बड़े स्तर पर मिलावट होती है। उन्हाेंने कहा कि गुलाल या रंग की पहचान करने का सबसे सरल तरीका है कि अच्छा रंग या गुलाल कोमल होगा। वहीं, मिलावटी गुलाल दानेदार और भारी होगा। मिलावटी गुलाल के लगते ही चेहरा लाल हो जाएगा, दाने होने लगेंगे और खुजली शुरू हो जाएगी। कई बार सामने आया है कि सस्ते गुलाल व रंगों में कांच व पत्थर का चूरा मिला हुआ होता है। ऐसे में होली में हर्बल रंगों का ही प्रयोग करें। हर्बल रंगों को भी त्वचा पर देर समय तक लगाए रहने से बचें। इससे जलन, सूखापन और खुजली हो सकती है।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी शर्मा ने बताया कि देर तक होली खेलनी है तो समय-समय पर शरीर से रंग छुड़ाते रहें। होली खेलने से पहले शरीर पर जैतून, नारियल, या सरसों का तेल लगा लें। कुछ रंगों में मौजूद भारी धातुएं जैसे पत्थर, कांच व रेत त्वचा के कैंसर का भी कारण बन सकते हैं। रासायनिक रंगों से सांस लेने में दिक्कत, खांसी और अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि आंखों में लाली, धुंधलापन आने लगे तो तुरंत डाॅक्टर से परामर्श लें। खुद से आंखों में कोई ड्रॉप, गुलाबजल, घी आदि न डालें।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान

- सूती कपड़े पहनकर होली खेलें।

- हल्के और हर्बल रंगों का प्रयोग करें।

- कपड़े धोने का साबुन, डिटर्जेंट से छुड़ाने की कोशिश में त्वचा को नुकसान हो सकता है।

- रंग छुड़ाने के लिए आटे का उबटन सबसे कारगर होगा, इससे त्वचा को नुकसान नहीं होता।

- रंग छुड़ाने के बाद जलन हो तो आइस क्यूब या ठंडे टी बैग का प्रयोग करें।

- काले, सिल्वर, गोल्डन रंगों का प्रयोग कतई न करें।

- हृदय रोगी, त्वचा व सांस रोगी होली न खेलें।

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होली पर 24 घंटे अलर्ट रहेगा स्वास्थ्य विभाग

मथुरा। होली पर स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे अलर्ट रहेगा। इसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तीन पालियों में त्वचा, सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञ तैनात रहेंगे। वहीं, आकस्मिक सेवाओं के लिए अस्पताल में एक वार्ड आरक्षित किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। होली पर रंगों के दुष्प्रभाव, फूड प्वॉइजनिंग जैसी घटनाओं के वक्त समय से उपचार मिल सके इसके लिए सुबह आठ बजे से दो बजे तक, दोपहर दो बजे से रात आठ बजे और रात आठ बजे से सुबह आठ बजे दो-दो चिकित्सकों के साथ ही स्टाफ की तैनाती की गई है। सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि इस संबंध में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा सभी चिकित्सक फोन पर उपलब्ध रहेंगे। संवाद
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