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‘वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गई’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 28 Nov 2015 11:56 PM IST
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‘ओल्ड इज गोल्ड’ की मिसाल अमरनाथ शिक्षण संस्थान के मातृकृपा आडिटोरियम के मंच पर चरितार्थ हुई। दादी-नानी के सुनहरे पल ‘वो भूली दास्तां-लो फिर याद आ गई’ कार्यक्रम में दादी और नानियों ने बच्चे के जन्म से विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर गाए जाने वाले लोकगीतों को अपनी आवाज दी। इस अवसर पर 60 से अधिक दादी और नानी का अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चेयरमैन मनीषा गुप्ता ने कहा कि विद्यालय ने पारंपरिक गीतों की विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। प्रत्येक घर में बुजुर्गों का सम्मान होना चाहिए। कार्यक्रम में रितम की दादी कमला वाजपेयी ने बरना गीत ‘बरना चला बरनी लेने...’, रेखा अग्रवाल ने लोकगीत ‘बाबा ऐसौ वर ढूंढो...’, विमल शर्मा ने भजन ‘कन्हैया तेरे कितने नाम...’, आरोही-आरुषि की दादी राधा शर्मा ने बरना गीत ‘बाबुल का घर छोड़ के...’, कानपुर से पधारीं श्रुति की नानी वीना तिवारी ने बरना ‘शहनाई बजती रहे बरना सजता रहे...’, कबीर की नानी सुमन शर्मा, अमन खां की दादी वहीदन बेगम, किरन लता, लज्जा देवी, कुसुम शर्मा, राधा देवी, शशि कुन्द्रा आदि ने लोकगीतों पर प्रस्तुति दी।
शालिनी मिश्रा ने ब्रजभाषा में संचालन किया। इस अवसर पर कुसुम कुलश्रेष्ठ और पांडिचेरी से आईं अर्चना माहेश्वरी ने कार्यक्रम की प्रशंसा की। इस अवसर पर अमरनाथ शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डा. आदित्य कुमार वाजपेयी, उप प्रधानाचार्य डा. अनिल वाजपेयी, प्रशासनिक अधिकारी डा. अरुण वाजपेयी, शैक्षणिक प्रभारी अनुराग वाजपेयी, मिथलेश, रेनू, मीता, सोनिका शर्मा, असलम खां, ट्विंकल भारद्वाज, अनुराग शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चेयरमैन मनीषा गुप्ता ने कहा कि विद्यालय ने पारंपरिक गीतों की विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। प्रत्येक घर में बुजुर्गों का सम्मान होना चाहिए। कार्यक्रम में रितम की दादी कमला वाजपेयी ने बरना गीत ‘बरना चला बरनी लेने...’, रेखा अग्रवाल ने लोकगीत ‘बाबा ऐसौ वर ढूंढो...’, विमल शर्मा ने भजन ‘कन्हैया तेरे कितने नाम...’, आरोही-आरुषि की दादी राधा शर्मा ने बरना गीत ‘बाबुल का घर छोड़ के...’, कानपुर से पधारीं श्रुति की नानी वीना तिवारी ने बरना ‘शहनाई बजती रहे बरना सजता रहे...’, कबीर की नानी सुमन शर्मा, अमन खां की दादी वहीदन बेगम, किरन लता, लज्जा देवी, कुसुम शर्मा, राधा देवी, शशि कुन्द्रा आदि ने लोकगीतों पर प्रस्तुति दी।
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शालिनी मिश्रा ने ब्रजभाषा में संचालन किया। इस अवसर पर कुसुम कुलश्रेष्ठ और पांडिचेरी से आईं अर्चना माहेश्वरी ने कार्यक्रम की प्रशंसा की। इस अवसर पर अमरनाथ शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डा. आदित्य कुमार वाजपेयी, उप प्रधानाचार्य डा. अनिल वाजपेयी, प्रशासनिक अधिकारी डा. अरुण वाजपेयी, शैक्षणिक प्रभारी अनुराग वाजपेयी, मिथलेश, रेनू, मीता, सोनिका शर्मा, असलम खां, ट्विंकल भारद्वाज, अनुराग शर्मा आदि मौजूद रहे।
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