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‘ग्रैमी’ की दहलीज पर पहुंचीं कृष्णभक्त सुदेवी
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:52 PM IST
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अपनी आवाज के जादू से विश्व को कृष्णभक्ति का पाठ पढ़ाने वाली सुदेवी को ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित किया गया है। इस पुरस्कार को संगीत का ऑस्कर भी कहा जाता है।
सुदेवी को भक्ति संगीत की श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न भाषाओं में भजन गाने के लिए नामित किया गया है। वे हिंदी, बांग्ला, ब्रजभाषा, पंजाबी, अंग्रेजी, जर्मन, संस्कृत में भजन गाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं।
बता दें कि मूलरूप से अमेरिका के कैलीफोर्निया निवासी सुदेवी का परिवार वृंदावन से जुड़ाव रखता है। यहां के आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित होने के कारण उनका नाम सरस्वती देवी रखा गया था। अमेरिका के ही रहने वाले किशोरी मोहन (मंडली भक्तिदास) से 20 साल पहले विवाह के बाद वे वृंदावन आ गईं।
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यहां गुरु नारायण महाराज से दीक्षा ली। किशोरी मोहन ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सुदेवी 17 वर्षों से संगीत साधना में रत हैं। वे अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, रूस, कनाडा आदि देशों में संगीत के माध्यम से कृष्ण भक्ति का प्रचार कर चुकी हैं।
किशोरी मोहन ने कहा कि गुरु के आदेश का पालन करते हुए वे और सुदेवी भजन गायन कर विश्व में लोगों को कृष्ण भक्ति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सुदेवी द्वारा गाए गए भजनाें की सीडी ‘भक्ति आफ बार्डर’ नामक से तैयार की थी। इसी सीडी के आधार पर ही उन्हें ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित किया गया है।
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सुदेवी को भक्ति संगीत की श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न भाषाओं में भजन गाने के लिए नामित किया गया है। वे हिंदी, बांग्ला, ब्रजभाषा, पंजाबी, अंग्रेजी, जर्मन, संस्कृत में भजन गाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं।
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बता दें कि मूलरूप से अमेरिका के कैलीफोर्निया निवासी सुदेवी का परिवार वृंदावन से जुड़ाव रखता है। यहां के आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित होने के कारण उनका नाम सरस्वती देवी रखा गया था। अमेरिका के ही रहने वाले किशोरी मोहन (मंडली भक्तिदास) से 20 साल पहले विवाह के बाद वे वृंदावन आ गईं।
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यहां गुरु नारायण महाराज से दीक्षा ली। किशोरी मोहन ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सुदेवी 17 वर्षों से संगीत साधना में रत हैं। वे अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, रूस, कनाडा आदि देशों में संगीत के माध्यम से कृष्ण भक्ति का प्रचार कर चुकी हैं।
किशोरी मोहन ने कहा कि गुरु के आदेश का पालन करते हुए वे और सुदेवी भजन गायन कर विश्व में लोगों को कृष्ण भक्ति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सुदेवी द्वारा गाए गए भजनाें की सीडी ‘भक्ति आफ बार्डर’ नामक से तैयार की थी। इसी सीडी के आधार पर ही उन्हें ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित किया गया है।