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परिक्रमा मार्ग पर मानव समुद्र सा नजारा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 30 Jun 2015 12:04 AM IST
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अधिक मास में गिरिराजजी की परिक्रमा, दर्शन और पूजा के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। दूरदराज से आकर लोग परिक्रमा में लगे हैं। दंडवती करने वालों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
शाम होते ही परिक्रमार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ गिर्राज नगरी पहुंच कर सप्तकोसीय गिरिराज परिक्रमा में एक मानव समुद्र का रूप ले रही है। श्रद्धालु खचाखच भरे वाहनों से जैसे-तैसे गोवर्धन पहुंच रहे हैं। वाहन से उतरते ही गिरिराज महाराज के जयकारे के साथ गिरिराज धरा मस्तिक पर लगा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। चारों तरफ हरिनाम संकीर्तन की गूंज है तो श्रीमद्भागवत के श्लोक परिक्रमा में जगह-जगह सुनाए जा रहे हैं।
पग-पग पर सेवाभावी लोग पेयजल, शरबत और विभिन्न खाद्य सामग्री लेकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। भारी भीड़ के चलते तलहटी सहित दानघाटी मंदिर, मानसी गंगा मुखारबिंद मंदिर, हरगोकुल मंदिर, जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर पर पांव रखने तक को जगह नहीं मिल पा रही। मंदिरों में फूलबंगला और छप्पन भोग के विशेष दर्शन आकर्षण का केंद्र हैं। मेलाधिकारी एडीएम वित्त जयशंकर मिश्रा, एसपी सिटी शैलेष पांडेय, एसडीएम सदर राजेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस सुनीति यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हैं।
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शाम होते ही परिक्रमार्थी श्रद्धालुओं की भीड़ गिर्राज नगरी पहुंच कर सप्तकोसीय गिरिराज परिक्रमा में एक मानव समुद्र का रूप ले रही है। श्रद्धालु खचाखच भरे वाहनों से जैसे-तैसे गोवर्धन पहुंच रहे हैं। वाहन से उतरते ही गिरिराज महाराज के जयकारे के साथ गिरिराज धरा मस्तिक पर लगा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। चारों तरफ हरिनाम संकीर्तन की गूंज है तो श्रीमद्भागवत के श्लोक परिक्रमा में जगह-जगह सुनाए जा रहे हैं।
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पग-पग पर सेवाभावी लोग पेयजल, शरबत और विभिन्न खाद्य सामग्री लेकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। भारी भीड़ के चलते तलहटी सहित दानघाटी मंदिर, मानसी गंगा मुखारबिंद मंदिर, हरगोकुल मंदिर, जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर पर पांव रखने तक को जगह नहीं मिल पा रही। मंदिरों में फूलबंगला और छप्पन भोग के विशेष दर्शन आकर्षण का केंद्र हैं। मेलाधिकारी एडीएम वित्त जयशंकर मिश्रा, एसपी सिटी शैलेष पांडेय, एसडीएम सदर राजेश कुमार, प्रशिक्षु आईपीएस सुनीति यातायात व्यवस्था सुचारु करने में जुटे हैं।
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