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बीमार हुए भगवान जगन्नाथ को दिया जा रहा औषधियुक्त काढ़ा
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मथुरा। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शुक्रवार के दिन स्नानयात्रा के बाद बीमार हुए भगवान जगन्नाथ को अब औषधियुक्त काढ़ा पिलाया जा रहा है। साथ ही फलों का रस दिया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ करने के लिए उपचार के तहत पुजारी उन्हें काढ़ा भी निवेदित कर रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान जगन्नाथ को नित्य सेवा के अतिरिक्त दिए जाने वाली विशेष सेवा का समय और सेवित की जाने वाली वस्तुओं का निर्धारण किया है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं।
इसके बाद 15 दिनों तक वे किसी को दर्शन नहीं देते हैं। मंदिर के पुजारियों द्वारा ठाकुरजी को प्रतिदिन दिए जाने वाले प्रसाद के साथ आयुवेदिक औषधियों से निर्मित काढ़ा दिया जाता है। मंदिर के विंधेश्वरी प्रसाद अवस्थी, रामअवतार अवस्थी, ब्रह्मानंद मिश्रा, प्रशांत कुमार शतपथी और राधा वल्लभ आचार्य भगवान जगन्नाथ की सेवा कर रहे हैं।
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ठाकुरजी को मंत्रोच्चारण के मध्य अभिषेक कराया
ज्येष्ठ शुक्ला पूर्णिमा पर वैदिक सनातन परंपरा के अनुसार प्राचीन श्री दीर्घ विष्णु भगवान एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी का वैदिक रीति के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक कराया था। श्री सूक्त, पुरुसूक्त, लक्ष्मीसूक्त, विष्णु सूक्त सहित, विष्णु सहस्रनाम से ठाकुर जी का अर्चन-पूजन करके पुष्पांजलि अर्पित कर भव्य सुगंधित पुष्पों से ठाकुर जी का शृंगार कराया गया। इस अवसर पर सेवायत महंत कांतानाथ चतुर्वेदी, सेवायत लालकृष्ण चतुर्वेदी, बालकृष्ण चतुर्वेदी सहित श्री विष्णु व मंदिर सेवा संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान जगन्नाथ को नित्य सेवा के अतिरिक्त दिए जाने वाली विशेष सेवा का समय और सेवित की जाने वाली वस्तुओं का निर्धारण किया है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते हैं।
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इसके बाद 15 दिनों तक वे किसी को दर्शन नहीं देते हैं। मंदिर के पुजारियों द्वारा ठाकुरजी को प्रतिदिन दिए जाने वाले प्रसाद के साथ आयुवेदिक औषधियों से निर्मित काढ़ा दिया जाता है। मंदिर के विंधेश्वरी प्रसाद अवस्थी, रामअवतार अवस्थी, ब्रह्मानंद मिश्रा, प्रशांत कुमार शतपथी और राधा वल्लभ आचार्य भगवान जगन्नाथ की सेवा कर रहे हैं।
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ठाकुरजी को मंत्रोच्चारण के मध्य अभिषेक कराया
ज्येष्ठ शुक्ला पूर्णिमा पर वैदिक सनातन परंपरा के अनुसार प्राचीन श्री दीर्घ विष्णु भगवान एवं पद्मालयी महालक्ष्मी जी का वैदिक रीति के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक कराया था। श्री सूक्त, पुरुसूक्त, लक्ष्मीसूक्त, विष्णु सूक्त सहित, विष्णु सहस्रनाम से ठाकुर जी का अर्चन-पूजन करके पुष्पांजलि अर्पित कर भव्य सुगंधित पुष्पों से ठाकुर जी का शृंगार कराया गया। इस अवसर पर सेवायत महंत कांतानाथ चतुर्वेदी, सेवायत लालकृष्ण चतुर्वेदी, बालकृष्ण चतुर्वेदी सहित श्री विष्णु व मंदिर सेवा संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।