{"_id":"61cb06cffed5a138ad2090b1","slug":"giriraj-prabhu-rode-in-a-chariot-amidst-divine-and-grand-chappan-bhog-mathura-news-mtr5108354108","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्य एवं भव्य छप्पन भोग के बीच रथ में सवार हुए गिरिराज प्रभु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्य एवं भव्य छप्पन भोग के बीच रथ में सवार हुए गिरिराज प्रभु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोवर्धन। माथे पर मोर मुकुट और हाथ में बांसुरी, स्वर्ण-रजत जड़ित पोशाक, गले में मोती-माणिक्य की माला के अद्भुत शृंगार के बीच गिरिराज प्रभु श्रीकृष्ण की छवि में रथ में सवार हुए तो दर्शन कर हर कोई भावविभोर नजर आया। रथ में सवार गिरिराज जी के दर्शन महाभारत कालीन युग की याद ताजा करा रहे थे। गिर्राज जी सेवा मंडल आगरा की ओर से तलहटी में दिव्य एवं भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया।
महोत्सव स्थल पर देशी-विदेशी पुष्प प्राकृतिक सुंदरता का अहसास करा रहे थे। रंग-बिरंगी झालर, पानी में चलते रंगीन-फव्वारे और लटकी लता-पताओं और फलों से पूरा वातावरण मनमोहक नजर आया। गिरिराज जी के दर्शन सोमवार को सामूहिक आरती के बाद खोले गये। इसके बाद दिव्य छप्पन भोग महोत्सव में दर्शनों के लिए सैलाब उमड़ता रहा।
इस अवसर पर संस्थापक नीतेश अग्रवाल एवं सहसंस्थापक मयंक अग्रवाल ने बताया कि श्री गिरिराज जी प्रभु का श्रीनाथ जी की शैली में मणिक, माणिक्य, स्वर्ण-रजत जडित आभूषणों से शृंगार किया गया है। प्रभु के समक्ष 11 टन का छबरियों में भोग लगाया। महोत्सव में आगरा के आए भक्तों के साथ-साथ ब्रजवासी और दूर दराज से आये भक्तों ने आनंद लिया। इस इस अवसर पर संस्थापक नीतेश अग्रवाल, सहसंस्थापक मयंक कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार गर्ग, श्याम माहेश्वरी, मार्गदर्शक महंत कपिल नागर, अध्यक्ष रविन्द्र कुमार गोयल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महोत्सव स्थल पर देशी-विदेशी पुष्प प्राकृतिक सुंदरता का अहसास करा रहे थे। रंग-बिरंगी झालर, पानी में चलते रंगीन-फव्वारे और लटकी लता-पताओं और फलों से पूरा वातावरण मनमोहक नजर आया। गिरिराज जी के दर्शन सोमवार को सामूहिक आरती के बाद खोले गये। इसके बाद दिव्य छप्पन भोग महोत्सव में दर्शनों के लिए सैलाब उमड़ता रहा।
विज्ञापन
इस अवसर पर संस्थापक नीतेश अग्रवाल एवं सहसंस्थापक मयंक अग्रवाल ने बताया कि श्री गिरिराज जी प्रभु का श्रीनाथ जी की शैली में मणिक, माणिक्य, स्वर्ण-रजत जडित आभूषणों से शृंगार किया गया है। प्रभु के समक्ष 11 टन का छबरियों में भोग लगाया। महोत्सव में आगरा के आए भक्तों के साथ-साथ ब्रजवासी और दूर दराज से आये भक्तों ने आनंद लिया। इस इस अवसर पर संस्थापक नीतेश अग्रवाल, सहसंस्थापक मयंक कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार गर्ग, श्याम माहेश्वरी, मार्गदर्शक महंत कपिल नागर, अध्यक्ष रविन्द्र कुमार गोयल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन