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Mathura News: घोष की धुन पर निकली कलश शोभायात्रा
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फरह। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेले का शुभारंभ बुधवार को हवन और कलश यात्रा के साथ हुआ। वेद ऋचाओं और हवन की सुगंध से मेला परिसर महक उठा। बालिकाओं द्वारा सजाई रंगोली से इंद्रधनुषी छटा बिखरने लगी। घोष की धुन पर कलश शोभायात्रा निकाली गई।
सुबह स्मारक भवन से राधाकृष्ण मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गई। सुबह सात बजे 108 महिलाएं सिर पर कलश धारण करके मंगल गीत गातीं निकलीं। इस दौरान विद्या मंदिर के छात्र घोष बजाते चल रहे थे। राधाकृष्ण मंदिर में आचार्य विपिन बिहारी आर्य ने हवन यज्ञ कराया। इसमें नरेंद्र कुमार पाठक, सोनपाल, नीरज गर्ग, लोकेश्वर प्रताप सिंह, राज दर्शन पचौरी, नरेंद्र सिंघल, कृष्णकांत पचौरी आदि ने आहुतियां दीं।
रंगोली प्रतियोगिता में विद्यालयों की 100 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्राओं ने रंगों के माध्यम से बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के संदेश उकेरे। सीनियर वर्ग में अन्नू प्रथम, रेनू द्वितीय तथा कविता और याचना पाठक संयुक्त रूप से तृतीय रहीं। जूनियर वर्ग में काजल प्रथम, ज्योति द्वितीय और छवि तृतीय रहीं। प्रतियोगिता की संयोजक रीना सिंह रहीं। व्यवस्था में राधेश्याम, रमा पाठक, अनीता और कमलेश चौहान आदि का सहयोग रहा। संवाद
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मोबाइल छोड़ किताबों से नाता जोड़ें
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने छात्राओं को मोबाइल की बढ़ती लत से दूर रहने और पुस्तकों से जुड़ने की सीख दी। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए उन्होंने कहा कि आज बच्चों से लेकर बड़ों सब के हाथ में स्मार्टफोन है। छोटी-छोटी वीडियो बनाने की होड़ के बीच जरूरी है कि युवा मोबाइल से नाता तोड़कर किताबों से रिश्ता जोड़ें। बीएसए रतन कीर्ति ने कहा कि बेटियों को शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है। दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजक रीना शर्मा भी मौजूद रहीं।
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सुबह स्मारक भवन से राधाकृष्ण मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गई। सुबह सात बजे 108 महिलाएं सिर पर कलश धारण करके मंगल गीत गातीं निकलीं। इस दौरान विद्या मंदिर के छात्र घोष बजाते चल रहे थे। राधाकृष्ण मंदिर में आचार्य विपिन बिहारी आर्य ने हवन यज्ञ कराया। इसमें नरेंद्र कुमार पाठक, सोनपाल, नीरज गर्ग, लोकेश्वर प्रताप सिंह, राज दर्शन पचौरी, नरेंद्र सिंघल, कृष्णकांत पचौरी आदि ने आहुतियां दीं।
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रंगोली प्रतियोगिता में विद्यालयों की 100 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्राओं ने रंगों के माध्यम से बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के संदेश उकेरे। सीनियर वर्ग में अन्नू प्रथम, रेनू द्वितीय तथा कविता और याचना पाठक संयुक्त रूप से तृतीय रहीं। जूनियर वर्ग में काजल प्रथम, ज्योति द्वितीय और छवि तृतीय रहीं। प्रतियोगिता की संयोजक रीना सिंह रहीं। व्यवस्था में राधेश्याम, रमा पाठक, अनीता और कमलेश चौहान आदि का सहयोग रहा। संवाद
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मोबाइल छोड़ किताबों से नाता जोड़ें
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने छात्राओं को मोबाइल की बढ़ती लत से दूर रहने और पुस्तकों से जुड़ने की सीख दी। रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए उन्होंने कहा कि आज बच्चों से लेकर बड़ों सब के हाथ में स्मार्टफोन है। छोटी-छोटी वीडियो बनाने की होड़ के बीच जरूरी है कि युवा मोबाइल से नाता तोड़कर किताबों से रिश्ता जोड़ें। बीएसए रतन कीर्ति ने कहा कि बेटियों को शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है। दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजक रीना शर्मा भी मौजूद रहीं।