फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Ghats are breaking due to the stumble of steamers, how can development happen?

Mathura News: स्टीमर की ठोकरों से टूट रहे घाट, कैसे हो विकास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Feb 2024 12:43 AM IST
विज्ञापन
Ghats are breaking due to the stumble of steamers, how can development happen?
मथुरा। एक ओर ब्रजवासी यमुना में क्रूज संचालन देखने को लालायित हैं, तो दूसरी ओर यमुना घाट स्टीमरों के कारण टूट रहे हैं। किनारे पर आते हुए स्टीमर की बार-बार की ठोकर से विश्राम घाट से लेकर बंगाली घाट तक सीढ़ियों, प्राचीन खंभों और बुर्जियों को खासा नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन


यमुना के घाट ब्रज की संस्कृति के वाहक और अमूल्य धरोहर हैं। ये घाट बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित भी कर रहे हैं, लेकिन ऐसे श्रद्धालुओं को यमुना विहार कराने वाले स्टीमर के कारण घाटों को नुकसान हो रहा है। बार-बार तेज गति से स्टीमर के घाटों से टकराने से कई जगह पत्थर टूट गए हैं। कई जगह से खंभे टूट गए हैं, तो कई बुर्जियों के पत्थर जर्जर होकर गिर गए हैं। विश्राम घाट के बराबर महाप्रभु वल्लभाचार्यजी की बैठक के पास बनी बुर्जी के पत्थर गिर गए हैं। ऐसे ही बंगाली घाट तक अनेक बुर्जियों के पत्थर गिर गए हैं।
विज्ञापन


इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब स्टीमर से यमुना घाटों को इतना नुकसान हो रहा है तो क्रूज उससे भी बड़ा है, ऐसे में यमुना घाटों का संरक्षण और विकास कैसे हो पाएगा। विश्राम घाट, बंगाली घाट, प्रयाग घाट, श्याम घाट, असकुंडा घाट और स्वामी घाट पर कमोबेश ऐसे ही हालात हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में यमुना में करीब एक दर्जन स्टीमर संचालित हैं। इनमें से अधिकांश वृंदावन में केशी घाट और मथुरा में विश्राम घाट के आसपास चलते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
बैजनाथ चतुर्वेदी, रविशंकर चतुर्वेदी, सूरज चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी और छोटे चतुर्वेदी ने बताया है कि स्टीमर की ठोकरों से यमुना के घाटों को नुकसान पहुंच रहा है। घाटों के सौंदर्यीकरण से पहले जीर्णोद्धार कराया जाए।



--यमुना के 20 प्राचीन घाटों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बनाई जा चुकी है। यमुना पर 1.12 किमी के दायरे में स्थित इन घाटों के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने करीब 50 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी है। मौजूदा घाटों के विस्तार और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। -नगेंद्र प्रताप, उपाध्यक्ष एमवीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed