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Mathura News: बांकेबिहारी मंदिर में अब नहीं फेंकी जाएगी माला और प्रसाद
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वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की सेवा और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में अब कई बदलाव किए जाएंगे। बुधवार को हुई हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में तय किया गया कि ठाकुरजी को माला न तो श्रद्धालु जगमोहन की ओर फेंककर अर्पित करेंगे और न ही जगमोहन से सेवायत आंगन की ओर फेंकेंगे। कमेटी के पदाधिकारियों का मानना है कि ठाकुरजी को माला फेंककर अर्पित करने के बजाय विधिवत तरीके से अर्पित होनी चाहिए। कई बार अर्पित माला नीचे गिरकर चरणों में आती हैं, यह मंदिर की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक कराने का निर्णय लिया गया है। बैंकों से मंदिर में बारकोड लगाने के लिए भी कहा गया है। भोग व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। रेलिंग के अंदर खड़े भोग भंडारी केवल सेवाधिकारी को ही भोग अर्पित करेंगे। चढ़ावे को जेब में किसी भी सूरत में नहीं रखेंगे। अगर कोई देता है तो दान देता है तो उसे दानपात्र में डाला जाएगा।
बैठक में ठाकुरजी के भोग में इस्तेमाल होने वाले पेड़ों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार ने जिला प्रशासन से कहा कि ठाकुरजी के भोग के लिए कम से कम अच्छी गुणवत्ता के पेड़े उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने बाजार में बिक रहे खराब गुणवत्ता के पेड़ों पर चिंता जताई और ऐसे पेड़े बेचने वालों पर अंकुश लगाने की बात कही। इसके अलावा राधाष्टमी से पहले बांकेबिहारी मंदिर को फसाड लाइटों से सजाने की तैयारी है। इसके लिए बैंकों के सीएसआर फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे मंदिर की बाहरी आभा और निखरेगी। मंदिर की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर प्रसार भारती की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
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मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की हाजिरी बायोमेट्रिक कराने का निर्णय लिया गया है। बैंकों से मंदिर में बारकोड लगाने के लिए भी कहा गया है। भोग व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। रेलिंग के अंदर खड़े भोग भंडारी केवल सेवाधिकारी को ही भोग अर्पित करेंगे। चढ़ावे को जेब में किसी भी सूरत में नहीं रखेंगे। अगर कोई देता है तो दान देता है तो उसे दानपात्र में डाला जाएगा।
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बैठक में ठाकुरजी के भोग में इस्तेमाल होने वाले पेड़ों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार ने जिला प्रशासन से कहा कि ठाकुरजी के भोग के लिए कम से कम अच्छी गुणवत्ता के पेड़े उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने बाजार में बिक रहे खराब गुणवत्ता के पेड़ों पर चिंता जताई और ऐसे पेड़े बेचने वालों पर अंकुश लगाने की बात कही। इसके अलावा राधाष्टमी से पहले बांकेबिहारी मंदिर को फसाड लाइटों से सजाने की तैयारी है। इसके लिए बैंकों के सीएसआर फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे मंदिर की बाहरी आभा और निखरेगी। मंदिर की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर प्रसार भारती की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
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