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Mathura News: गर्मी से बचाने के लिए लगे 35 लाख के फव्वारे, खारे पानी से सात दिन में हारे
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जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बंद पड़े लगाए गए मिस्ट कूलिंग सिस्टम
मथुरा। रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लगाया गया मिस्ट कूलिंग सिस्टम (फव्वारे) खराब पड़ा है। 35 लाख रुपये की लागत से रेलवे ने इसे स्थापित कराया था। ऐसे में प्लेटफार्म पर यात्रियों को राहत देने के बजाए पंखों की गर्म हवा और परेशान कर रही है। सालों से बंद पड़े इस सिस्टम को आज तक जिम्मेदारों ने शुरू कराने के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
चिलचिलाती गर्मी में यात्रियों को पानी की हल्की फुहार को माध्यम से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2018 में जंक्शन स्टेशन पर मिस्ट कूलिंग सिस्टम लगाया गया था। प्लेटफार्म एक व दो पर ट्रायल के तौर पर इन्हें स्थापित किया गया था। इस पर रेलवे ने करीब 35 लाख रुपये खर्च किए थे। इन्हें लगाने का मकसद बस इतना था कि गर्मी में प्लेटफार्म के ऊपर पड़ी टिनशेड की तपिश से यात्रियों को राहत मिल सके।
यह सिस्टम हल्की-हल्की पानी की ठंडी फुहार से गर्म वातावरण को थोड़ा ठंडा करने का काम करते थे लेकिन यह केवल एक सप्ताह में ही खारे पानी के कारण चोक हो गए। जंक्शन के अधिकारियों ने इन्हें लगाने वाली कंपनी से चालू कराने के लिए कहा तो कंपनी ने इनकी मरम्मत कराई। इसके बाद भी यह सही तरीके से काम नहीं कर सके। खारे पानी के कारण तकनीकी खराबी के बाद कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। तब से लेकर जंक्शन पर लगे मिस्ट कूलिंग सिस्टम बंद पड़े हैं। सात साल में इनके संचालन की उम्मीद भी धीरे-धीरे दम तोड़ चुकी है।
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खारे पानी के कारण नहीं मिल सकी कामयाबी
स्टेशन निदेशक एनपी सिंह ने बताया कि मिस्ट कूलिंग सिस्टम को खारे पानी के कारण कामयाबी नहीं मिल सकी। प्लेटफार्म एक और दो पर डाली गई पाइपलाइन में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर इनके नोजिल लगाए गए थे। इन्हीं से पानी की फुहार निकलती थी। लेकिन जब यह नोजिल ही चोक होने लगे तो इसका संचालन बंद हो गया। यही वजह रही कि कंपनी ने इन्हें बार बार ठीक करने से मना कर दिया।
-जंक्शन पर लगे मिस्ट कूलिंग सिस्टम बंद पड़े होने की जानकारी मिली है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से पूरा मामला पता कराया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जल्द इनका संचालन शुरू करा दिया जाए। -प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी रेलवे आगरा।
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चिलचिलाती गर्मी में यात्रियों को पानी की हल्की फुहार को माध्यम से राहत दिलाने के लिए वर्ष 2018 में जंक्शन स्टेशन पर मिस्ट कूलिंग सिस्टम लगाया गया था। प्लेटफार्म एक व दो पर ट्रायल के तौर पर इन्हें स्थापित किया गया था। इस पर रेलवे ने करीब 35 लाख रुपये खर्च किए थे। इन्हें लगाने का मकसद बस इतना था कि गर्मी में प्लेटफार्म के ऊपर पड़ी टिनशेड की तपिश से यात्रियों को राहत मिल सके।
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यह सिस्टम हल्की-हल्की पानी की ठंडी फुहार से गर्म वातावरण को थोड़ा ठंडा करने का काम करते थे लेकिन यह केवल एक सप्ताह में ही खारे पानी के कारण चोक हो गए। जंक्शन के अधिकारियों ने इन्हें लगाने वाली कंपनी से चालू कराने के लिए कहा तो कंपनी ने इनकी मरम्मत कराई। इसके बाद भी यह सही तरीके से काम नहीं कर सके। खारे पानी के कारण तकनीकी खराबी के बाद कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। तब से लेकर जंक्शन पर लगे मिस्ट कूलिंग सिस्टम बंद पड़े हैं। सात साल में इनके संचालन की उम्मीद भी धीरे-धीरे दम तोड़ चुकी है।
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खारे पानी के कारण नहीं मिल सकी कामयाबी
स्टेशन निदेशक एनपी सिंह ने बताया कि मिस्ट कूलिंग सिस्टम को खारे पानी के कारण कामयाबी नहीं मिल सकी। प्लेटफार्म एक और दो पर डाली गई पाइपलाइन में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर इनके नोजिल लगाए गए थे। इन्हीं से पानी की फुहार निकलती थी। लेकिन जब यह नोजिल ही चोक होने लगे तो इसका संचालन बंद हो गया। यही वजह रही कि कंपनी ने इन्हें बार बार ठीक करने से मना कर दिया।
-जंक्शन पर लगे मिस्ट कूलिंग सिस्टम बंद पड़े होने की जानकारी मिली है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से पूरा मामला पता कराया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जल्द इनका संचालन शुरू करा दिया जाए। -प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी रेलवे आगरा।