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Mathura News: बबूल के पेड़ उखाड़े या काटे पर मंथन कर रहा वन विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसीमथुरा। कान्हा की नगरी में अंग्रेजों के जमाने में लगे बबूल के पेड़ों को हटाकर कृष्णप्रिय वृक्षों के पौधों को रोपने की वन विभाग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मामला तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया में पहुंच गया है। वन विभाग इस मंथन में जुटा है कि बबूल के पेड़ों को उखाड़ा जाए या फिर काटा जाए।
इसके लिए देशभर में मौजूद संस्थानों और तकनीक के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। इस पर फैसला होने के बाद वित्त यानी पूरे प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यूपी सरकार की व्यापक योजना के तहत मथुरा को हरा भरा कर संवारने की योजना वन विभाग ने तैयार की थी। इसके तहत बबूल के पेड़ों को हटाकर उनके स्थान पर भगवान कृष्ण के पसंदीदा कदम्ब, पीलू, तमाल, बरगद, पाकड़, मोलश्री, खिरानी, अर्जुन, पलास जैसे पौधे रोपने की योजना बनाई गई।
लेकिन ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के नियम बाधा बन गए। इस पर वन विभाग ने जून 2023 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बबूल के पेड़ों को हटाने की अनुमित दे दी। डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने बताया कि वन विभाग ने 10 साल की योजना तैयार की है। कुल 36 स्थानों कृष्ण प्रिय वृक्षों के करीब 1.6 लाख पौधे लगाने का काम होगा। बबूल के पेड़ उखाड़े जाएं या फिर काटे जाएं, फिलहाल इस पर मंथन किया जा रहा है।
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इसके लिए देशभर में मौजूद संस्थानों और तकनीक के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। इस पर फैसला होने के बाद वित्त यानी पूरे प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यूपी सरकार की व्यापक योजना के तहत मथुरा को हरा भरा कर संवारने की योजना वन विभाग ने तैयार की थी। इसके तहत बबूल के पेड़ों को हटाकर उनके स्थान पर भगवान कृष्ण के पसंदीदा कदम्ब, पीलू, तमाल, बरगद, पाकड़, मोलश्री, खिरानी, अर्जुन, पलास जैसे पौधे रोपने की योजना बनाई गई।
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लेकिन ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के नियम बाधा बन गए। इस पर वन विभाग ने जून 2023 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बबूल के पेड़ों को हटाने की अनुमित दे दी। डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने बताया कि वन विभाग ने 10 साल की योजना तैयार की है। कुल 36 स्थानों कृष्ण प्रिय वृक्षों के करीब 1.6 लाख पौधे लगाने का काम होगा। बबूल के पेड़ उखाड़े जाएं या फिर काटे जाएं, फिलहाल इस पर मंथन किया जा रहा है।
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