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यूपी डायल-112 रेस्पांस रिपोर्ट: फिरोजाबाद पुलिस सबसे तेज, महज आठ मिनट में पहुंचती है मौके पर; ये जिले फिसड्डी
Sun, 26 Nov 2023 11:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
राहुल दक्ष, मथुरा
राहुल दक्ष, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 11:36 AM IST
सार
यूपी डायल-112 रेस्पांस रिपोर्ट यानि घटना-दुर्घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचने में पुलिस को लगने वाले समय के आधार पर रिपोर्ट जारी की गई है। इसके अनुसार सूचना प्राप्त होते ही 8 मिनट में फिरोजाबाद पुलिस मौके पर होती है। वहीं मैनपुरी को 9.57 मिनट का समय लगता है।
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पुलिस की गाड़ी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा जोन के 8 जिलों में सर्वाधिक फुर्तीली फिरोजाबाद पुलिस है। वहीं, सबसे सुस्त मैनपुरी पुलिस है। घटना-दुर्घटना की सूचना पर पीआरवी को मौके पर पहुंचने में लगने वाले समय की रेस्पांस टाइमिंग की रिपोर्ट के आधार पर यह बात सामने आई है। सूचना प्राप्त होते ही फिरोजाबाद पुलिस को जहां 8 मिनट मौके पर पहुंचने में लगते हैं। वहीं, मैनपुरी पुलिस 9.57 मिनट में पहुंचती है। इधर, आगरा पुलिस 8.30 मिनट और मथुरा पुलिस 8.37 मिनट में पहुंचती है। डीजीपी कार्यालय द्वारा निर्धारित रेस्पांस टाइम 10 मिनट है।
आगरा जोन में अलीगढ़ और आगरा रेंज यानी मंडल हैं। आगरा रेंज के मैनपुरी जिले को छोड़ दिया जाए तो अन्य तीनों फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा की रेस्पांस टाइमिंग शासन स्तर से पिछले काफी समय से संतोषजनक पाई गई है। वहीं, अलीगढ़ रेंज के अलीगढ़ जिले की पुलिस की रेस्पांस टाइमिंग 8.37 मिनट के साथ काफी संतोषजनक पाई गई है। एटा की 9.02 मिनट, हाथरस की 9.54 मिनट और कासगंज की 9.54 मिनट टाइमिंग को लेकर सुधार के निर्देश हैं। संवाद
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आगरा जोन में अलीगढ़ और आगरा रेंज यानी मंडल हैं। आगरा रेंज के मैनपुरी जिले को छोड़ दिया जाए तो अन्य तीनों फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा की रेस्पांस टाइमिंग शासन स्तर से पिछले काफी समय से संतोषजनक पाई गई है। वहीं, अलीगढ़ रेंज के अलीगढ़ जिले की पुलिस की रेस्पांस टाइमिंग 8.37 मिनट के साथ काफी संतोषजनक पाई गई है। एटा की 9.02 मिनट, हाथरस की 9.54 मिनट और कासगंज की 9.54 मिनट टाइमिंग को लेकर सुधार के निर्देश हैं। संवाद
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मथुरा की रेस्पांस टाइमिंग को एसएसपी ने निरंतर समीक्षा कर सुधारा
मथुरा पुलिस आगरा जोन रेस्पांस टाइमिंग के मामले में तीसरे स्थान पर है। यह सुधार एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के स्तर से निरंतर समीक्षा के बाद आया है। एसएसपी ने इसको लेकर जिम्मेदारों को हर सप्ताह समीक्षा के निर्देश दिए हैं। देरी से पहुंचने वाले पीआरवी कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है।
मथुरा पुलिस आगरा जोन रेस्पांस टाइमिंग के मामले में तीसरे स्थान पर है। यह सुधार एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के स्तर से निरंतर समीक्षा के बाद आया है। एसएसपी ने इसको लेकर जिम्मेदारों को हर सप्ताह समीक्षा के निर्देश दिए हैं। देरी से पहुंचने वाले पीआरवी कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है।
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कोई भी घटना हो, डॉयल करो 112 नंबर
डायल 112 मथुरा के प्रभारी पहलवान सिंह ने बताया कि मथुरा पुलिस के बेड़े में कुल 88 वाहन हैं। इनमें 59 पीआरवी कार और 28 मोटर साइकिल हैं। मोटर साइकिल शहर में संचालित होती हैं, जबकि कार देहात और शहर दोनों में संचालित होती हैं। इनकी निगरानी जीपीएस के माध्यम से होती है। इन सभी के तैनाती प्वाइंट निर्धारित हैं, जिससे की किसी भी सूचना पर तत्काल पुलिस मदद के लिए पहुंच सके। पहले पुलिस का नंबर 100 था। अब इसे बदलकर 112 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी घटना, दुर्घटना की जानकारी कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर देकर पुलिस को सूचित कर सकता है। अगर, फोन करने वाला अपनी गोपनीयता बरकरार रखना चाहता है, तो पुलिस उसकी पहचान भी उजागर नहीं करती है।
डायल 112 मथुरा के प्रभारी पहलवान सिंह ने बताया कि मथुरा पुलिस के बेड़े में कुल 88 वाहन हैं। इनमें 59 पीआरवी कार और 28 मोटर साइकिल हैं। मोटर साइकिल शहर में संचालित होती हैं, जबकि कार देहात और शहर दोनों में संचालित होती हैं। इनकी निगरानी जीपीएस के माध्यम से होती है। इन सभी के तैनाती प्वाइंट निर्धारित हैं, जिससे की किसी भी सूचना पर तत्काल पुलिस मदद के लिए पहुंच सके। पहले पुलिस का नंबर 100 था। अब इसे बदलकर 112 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी घटना, दुर्घटना की जानकारी कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर देकर पुलिस को सूचित कर सकता है। अगर, फोन करने वाला अपनी गोपनीयता बरकरार रखना चाहता है, तो पुलिस उसकी पहचान भी उजागर नहीं करती है।