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अग्निशमन विभाग ने की होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशाला की तलाशी
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मथुरा। लखनऊ के होटल लेवाना सुइट्स में हुए अग्निकांड को देखते हुए मथुरा में होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, हॉस्पिटल और बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन विभाग तीन दिन विशेष अभियान चलाकर खामियां तलाशेगा। मिलने पर कार्रवाई करेगा। मंगलवार को विभाग ने २३ होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में चेकिंग अभियान चलाया। करीब १५ होटलों में खामियां पाई गईं। संचालकों को चेतावनी देते हुए सुधार को कहा गया। जल्द सभी को नोटिस भेजा जाएगा।
मंगलवार को अग्निशमन विभाग के सीएफओ प्रमोद शर्मा ने टीम के साथ मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के २३ होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं में चेकिंग अभियान चलाया। १५ में खामियां पाई गईं। किसी में अग्निशमन यंत्र जाम पड़े हुए थे तो किसी का निकासद्वार बंद मिला। कई होटलों में अग्निशमन का खास इंतजाम नहीं मिला। सीएफओ ने बताया कि महाराजा अग्रसेन, एकता सेवा सदन, मुरली वाला होटल, हीरा होटल स्टेट बैंक, रुजवुड, बालाजी होटल वृंदावन, किशन पैलेस, विग्संटन गोवर्धन और बरसाना, शिव सेना सदन, गंगा पैलेस आदि होटलों में खामियां मिली हैं। फिलहाल इन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। बावजूद इसके इंतजाम नहीं किए गए तो सीजीएम कोर्ट से जुर्माना कराया जाएगा।
११ अस्पताल भी शामिल
अग्निशमन विभाग ने जनपद के २४ हॉस्पिटल में अग्निशमन यंत्रों की हकीकत भी परखी। इनमें करीब ११ में भी खामियां पाई र्गइं। इन को भी नोटिस भेजने की तैयारी विभाग कर रहा है।
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खानापूर्ति कर रहे अधिकारी
वृंदावन। वृंदावन में बिना मानकों के होटल, गेस्ट हाउस, कामर्शियल कॉम्पलैक्स, शोरूम आदि संचालित हो रहे हैं। ऊंची-ऊंची इमारतें बनती जा रहीं हैं और अफसर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। आवासीय क्षेत्र तक में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं।
अधिवक्ता प्रहलादकृष्ण शुक्ला ने कहा कि लखनऊ के होटल जैसी घटनाओं की कई बार पुनरावृत्ति हो चुकी है। प्रशासन, विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग एवं नगर निगम सबक नहीं ले रहा है। बताया कि उन्होंने हाल में एक जनहित याचिका मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे व्यावसायिक निर्माणों को लेकर दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण एवं नगर आयुक्त को तलब करते हुए जवाब दाखिल किये जाने के आदेश दिए थे, हाईकोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लिये जाने के बावजूद भी तीर्थ नगरी में आवासीय क्षेत्र में मानकों के प्रतिकूल व्यावसायिक निर्माण हो रहे हैं, जबकि उक्त निर्माणों को किसी भी प्रकार की एनओसी प्राप्त नहीं है। इधर लखनऊ में हुुए अग्निकांड के बाद बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में होटल संचालकों की बैठक बुलाई गई है। इसमें भवनों में अग्निशमन सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, एनओसी जैसे बिंदुओं की जांच की जाएगी। संवाद
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मंगलवार को अग्निशमन विभाग के सीएफओ प्रमोद शर्मा ने टीम के साथ मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के २३ होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं में चेकिंग अभियान चलाया। १५ में खामियां पाई गईं। किसी में अग्निशमन यंत्र जाम पड़े हुए थे तो किसी का निकासद्वार बंद मिला। कई होटलों में अग्निशमन का खास इंतजाम नहीं मिला। सीएफओ ने बताया कि महाराजा अग्रसेन, एकता सेवा सदन, मुरली वाला होटल, हीरा होटल स्टेट बैंक, रुजवुड, बालाजी होटल वृंदावन, किशन पैलेस, विग्संटन गोवर्धन और बरसाना, शिव सेना सदन, गंगा पैलेस आदि होटलों में खामियां मिली हैं। फिलहाल इन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। बावजूद इसके इंतजाम नहीं किए गए तो सीजीएम कोर्ट से जुर्माना कराया जाएगा।
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११ अस्पताल भी शामिल
अग्निशमन विभाग ने जनपद के २४ हॉस्पिटल में अग्निशमन यंत्रों की हकीकत भी परखी। इनमें करीब ११ में भी खामियां पाई र्गइं। इन को भी नोटिस भेजने की तैयारी विभाग कर रहा है।
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खानापूर्ति कर रहे अधिकारी
वृंदावन। वृंदावन में बिना मानकों के होटल, गेस्ट हाउस, कामर्शियल कॉम्पलैक्स, शोरूम आदि संचालित हो रहे हैं। ऊंची-ऊंची इमारतें बनती जा रहीं हैं और अफसर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। आवासीय क्षेत्र तक में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं।
अधिवक्ता प्रहलादकृष्ण शुक्ला ने कहा कि लखनऊ के होटल जैसी घटनाओं की कई बार पुनरावृत्ति हो चुकी है। प्रशासन, विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग एवं नगर निगम सबक नहीं ले रहा है। बताया कि उन्होंने हाल में एक जनहित याचिका मथुरा-वृंदावन में आवासीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे व्यावसायिक निर्माणों को लेकर दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण एवं नगर आयुक्त को तलब करते हुए जवाब दाखिल किये जाने के आदेश दिए थे, हाईकोर्ट द्वारा मामले का संज्ञान लिये जाने के बावजूद भी तीर्थ नगरी में आवासीय क्षेत्र में मानकों के प्रतिकूल व्यावसायिक निर्माण हो रहे हैं, जबकि उक्त निर्माणों को किसी भी प्रकार की एनओसी प्राप्त नहीं है। इधर लखनऊ में हुुए अग्निकांड के बाद बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में होटल संचालकों की बैठक बुलाई गई है। इसमें भवनों में अग्निशमन सुरक्षा की वर्तमान स्थिति, एनओसी जैसे बिंदुओं की जांच की जाएगी। संवाद