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Mathura News: सोसाइटी बनाकर अवैध वसूली करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
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वृंदावन। हरे कृष्णा ऑर्चिड सोसाइटी के प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अब न्यायालय पहुंच गया है। सोसाइटी के प्रबंधक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर स्वयं को सोसाइटी का संचालक बताने, निवासियों से अवैध वसूली करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में कोर्ट के आदेश पर वृंदावन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार हरे कृष्णा ऑर्चिड में प्रबंधक के पद पर कार्यरत राजदीप का कहना है कि सोसाइटी का अभी तक बिल्डर की ओर से हैंडओवर नहीं किया गया है। परियोजना के कुछ निर्माण कार्य और कुछ संपत्तियों की बिक्री अभी शेष है। इसी बीच सोसाइटी के निवासी भारत भूषण मिश्रा, प्रमोद कुमार सिंघल, अन्नू सिंह तथा अन्य लोगों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ‘रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन हरे कृष्णा ऑर्चिड'' के नाम से संस्था बनाकर स्वयं को सोसाइटी का संचालक घोषित कर दिया।
उक्त लोग आरडब्ल्यूए के नाम पर व्हाट्सएप समूह संचालित कर निवासियों से धनराशि जमा करा रहे हैं। जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने और विरोध करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। राजदीप ने बताया कि उन्होंने 26 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उनके अधिवक्ता के माध्यम से 18 फरवरी 2026 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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प्राथमिकी के अनुसार हरे कृष्णा ऑर्चिड में प्रबंधक के पद पर कार्यरत राजदीप का कहना है कि सोसाइटी का अभी तक बिल्डर की ओर से हैंडओवर नहीं किया गया है। परियोजना के कुछ निर्माण कार्य और कुछ संपत्तियों की बिक्री अभी शेष है। इसी बीच सोसाइटी के निवासी भारत भूषण मिश्रा, प्रमोद कुमार सिंघल, अन्नू सिंह तथा अन्य लोगों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ‘रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन हरे कृष्णा ऑर्चिड'' के नाम से संस्था बनाकर स्वयं को सोसाइटी का संचालक घोषित कर दिया।
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उक्त लोग आरडब्ल्यूए के नाम पर व्हाट्सएप समूह संचालित कर निवासियों से धनराशि जमा करा रहे हैं। जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने और विरोध करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। राजदीप ने बताया कि उन्होंने 26 दिसंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उनके अधिवक्ता के माध्यम से 18 फरवरी 2026 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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