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फूल बंगले में विराजे ठाकुरजी, भक्त निहाल
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 10 May 2016 11:03 PM IST
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मंदिरों में फूल बंगला सजे
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अक्षय तृतीया के बाद वृंदावन के मंदिरों में फूल बंगले सजने प्रारंभ हो गए हैं। रथयात्रा महोत्सव तक फूल बंगला सजाने का क्रम जारी रहेगा।
नगर के ठाकुर बांकेबिहारी, राधावल्लभ, राधारमण, श्याम सुंदर, टटिया स्थान, सनेह बिहारी, कुंजबिहारी मंदिर आदि मंदिरों में फूल बंगले सजाए गए।
राधावल्लभ मंदिर के सेवायत विष्णुवल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वृंदावन के मंदिरों में सजाए जाने वाले फूल बंगलों में एक अनूठी और नायाब कारीगरी देखने को मिलती है।
सेवाकुंज स्थित कृष्ण-बलराम आश्रम में मंगलवार को ठाकुरजी ने भव्य फूल बंगले में विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए। विदेशी भक्त भी ठाकुरजी की मनोहारी छवि का आनंद लेने पहुंचे। मंदिर परिसर में हरिनाम संकीर्तन का भी आयोजन किया गया।
विदेशी बालाओं ने बनाया फूल बंगला
वृंदावन। कृष्ण-बलराम मंदिर में आए विदेशी भक्त अपने आराध्य को शीतलता प्रदान करने के लिए स्वयं ही फूल बंगलों का निर्माण करने में लगे हैं। यूक्रेन निवासी विशाखा, द्रोपती और कजाकिस्तान निवासी वृंदावनदासी कई वर्षों से वृंदावन के कृष्ण-बालराम आश्रम में रहकर भगवान कृष्ण की भक्ति कर रही हैं। अक्षय तृतीया पर्व से मंदिरों में फूल बंगले बनाए जाने का जो क्रम शुरू हुआ तो विदेशी बालाओं ने तुलसी के लिए फूल बंगले का निर्माण किया।
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नगर के ठाकुर बांकेबिहारी, राधावल्लभ, राधारमण, श्याम सुंदर, टटिया स्थान, सनेह बिहारी, कुंजबिहारी मंदिर आदि मंदिरों में फूल बंगले सजाए गए।
राधावल्लभ मंदिर के सेवायत विष्णुवल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वृंदावन के मंदिरों में सजाए जाने वाले फूल बंगलों में एक अनूठी और नायाब कारीगरी देखने को मिलती है।
सेवाकुंज स्थित कृष्ण-बलराम आश्रम में मंगलवार को ठाकुरजी ने भव्य फूल बंगले में विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए। विदेशी भक्त भी ठाकुरजी की मनोहारी छवि का आनंद लेने पहुंचे। मंदिर परिसर में हरिनाम संकीर्तन का भी आयोजन किया गया।
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विदेशी बालाओं ने बनाया फूल बंगला
वृंदावन। कृष्ण-बलराम मंदिर में आए विदेशी भक्त अपने आराध्य को शीतलता प्रदान करने के लिए स्वयं ही फूल बंगलों का निर्माण करने में लगे हैं। यूक्रेन निवासी विशाखा, द्रोपती और कजाकिस्तान निवासी वृंदावनदासी कई वर्षों से वृंदावन के कृष्ण-बालराम आश्रम में रहकर भगवान कृष्ण की भक्ति कर रही हैं। अक्षय तृतीया पर्व से मंदिरों में फूल बंगले बनाए जाने का जो क्रम शुरू हुआ तो विदेशी बालाओं ने तुलसी के लिए फूल बंगले का निर्माण किया।
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