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Mathura News: छेड़खानी करने वाले पिता और दो पुत्र को 6-6 साल की जेल
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मथुरा। घर में घुसकर छेड़खानी करने, विरोध करने पर पीटने और जातिसूचक शब्द बोलने वाले पिता और उसके दो पुत्रों को एडीजे (अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश-पॉक्सो एक्ट-2) ब्रिजेश कुमार द्वितीय ने बृहस्पतिवार को छह-छह साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 39 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
नौहझील निवासी पीड़ित ने थाने में गांव बाघई निवासी श्यामबाबू, उसके बेटे आकाश उर्फ निकुंज तथा मनीष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 9 अप्रैल 2018 की शाम 7 बजे श्याम बाबू अपने बेटे आकाश तथा मनीष के साथ उनके घर में घुस आए। आते ही तीनों ने जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनकी दोनों बेटियों को जमीन पर गिरा दिया और छेड़खानी की। शोर सुनकर उनका बेटा आया और उसने अपनी दोनों बहनों को बचाया। हमलावरों ने उन्हें और उनकी दोनों बेटियों और बेटे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। हमले में वह, उनकी दोनों बेटी और बेटा घायल हो गए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर 10 अप्रैल 2018 को घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया। पुलिस ने आरोपी पिता और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया। कुछ समय बाद तीनों को जमानत मिल गई।
बृहस्पतिवार को कोर्ट ने एडीजीसी की दलील, पुलिस रिपोर्ट, घायलों के मेडिकल रिपोर्ट, गवाह और साक्ष्यों के आधार पर श्याम बाबू और उसके दोनों बेटों आकाश और मनीष को सजा सुनाई। कोर्ट ने श्याम बाबू पर 11 हजार, आकाश और मनीष पर 14-14 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि दोषियों से मिलने वाले अर्थदंड को पीड़ित परिवार को दिया जाए। निर्णय आने के बाद कोर्ट ने तीनों के वारंट बनाकर सजा भुगतने के जिला कारागार भेज दिया।
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नौहझील निवासी पीड़ित ने थाने में गांव बाघई निवासी श्यामबाबू, उसके बेटे आकाश उर्फ निकुंज तथा मनीष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 9 अप्रैल 2018 की शाम 7 बजे श्याम बाबू अपने बेटे आकाश तथा मनीष के साथ उनके घर में घुस आए। आते ही तीनों ने जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनकी दोनों बेटियों को जमीन पर गिरा दिया और छेड़खानी की। शोर सुनकर उनका बेटा आया और उसने अपनी दोनों बहनों को बचाया। हमलावरों ने उन्हें और उनकी दोनों बेटियों और बेटे पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। हमले में वह, उनकी दोनों बेटी और बेटा घायल हो गए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर 10 अप्रैल 2018 को घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया। पुलिस ने आरोपी पिता और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया। कुछ समय बाद तीनों को जमानत मिल गई।
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बृहस्पतिवार को कोर्ट ने एडीजीसी की दलील, पुलिस रिपोर्ट, घायलों के मेडिकल रिपोर्ट, गवाह और साक्ष्यों के आधार पर श्याम बाबू और उसके दोनों बेटों आकाश और मनीष को सजा सुनाई। कोर्ट ने श्याम बाबू पर 11 हजार, आकाश और मनीष पर 14-14 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि दोषियों से मिलने वाले अर्थदंड को पीड़ित परिवार को दिया जाए। निर्णय आने के बाद कोर्ट ने तीनों के वारंट बनाकर सजा भुगतने के जिला कारागार भेज दिया।
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