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बेटियों के कातिलों को कानून फांसी दे, वरना संत कानून को अपने होथों में लेंगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2022 07:00 AM IST
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वृंदावन(मथुरा)। अयोध्या तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य का कहना है कि बेटियों के कातिलों को कानून फांसी की सजा दे। ऐसा न होने पर साधु समाज कानून को हाथ में ले लेगा। यह बात उन्होंने शुक्रवार को वृंदावन के महेश्वरधाम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही।
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उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि परिवार पर हमला हो तो कानून को हाथ में ले सकते हैं, संतों का परिवार पूरा विश्व है। अब अन्याय की हद हो गई है। सनातनी बेटी श्रद्धा की 35 टुकड़े होना समूची मानवता के लिए कलंक है। इससे बड़ा जघन्य अपराध और कोई नहीं हो सकता। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार, प्रशासन और जनता को मिलकर के प्रयास करना होगा। इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है और लव जेहाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर तरह का प्रयास करने की आवश्यकता है।
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बेटियों के साथ छल, कपट करने वाले उनका धर्म परिवर्तन कराने वाले उनकी हत्या करने वाले राक्षसों को जीने का कोई अधिकार नहीं है। इनका सहयोग करने वाले जेहादी हैं। किसी की बेटी की हत्या करने वाले के प्रति हमदर्दी बरतने वाला भी उतना ही गुनहगार है। कई बार यह बातें सामने आ चुकी हैं कि लव जेहाद के लिए कुछ विशेष संस्थाओं से आर्थिक सहयोग भी मिलता है। इन पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। 24 घंटे के अंदर बेटी के जो कातिल हैं, उस कातिल का बचाव करने वाले जितने उसके समर्थक हैं उन सबको फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए।
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