फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   fair in vetrinary university has been inaugurated

वेटरिनरी विवि में किसान मेला शुरू

Fri, 20 Feb 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 20 Feb 2015 12:35 AM IST
विज्ञापन
fair in vetrinary university has been inaugurated
उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विवि एवं गो अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय किसान मेला ‘पशुधन कृषि विजय’ गुरुवार को शुरू हो गया। वैज्ञानिकों ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन


मेले का शुभारंभ आईसीएआर के उप महानिदेशक पशुपालन डा. केएमएल पाठक, कामधेनु विवि गांधी नगर के कुलपति डा. एमसी वार्ष्णेय, पूर्व कुलपति मथुरा डा. एससी गर्ग और वर्तमान कुलपति प्रो. एसी वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से किया। आईसीएआर के उपमहानिदेशक पशुपालन डा. केएमएल पाठक ने कहा कि पशु पालन देश की रीढ़ है। इसका विकास बेहद आवश्यक है।
विज्ञापन


किसानों को भी इसके लिए जागरूक होना पडे़गा। यह तभी संभव है जब वह बडे़ मेलों में जाकर आधुनिक ज्ञान से रूबरू हों। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल से हम विश्व में दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर हैं लेकिन यहां प्रति पशु
विज्ञापन
विज्ञापन

दुग्ध उत्पादकता बेहद कम है। इसे बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कामधेनु विवि गांधीनगर (गुजरात) के कुलपति डा. एमसी वार्ष्णेय ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ब्रज भूमि की किसी सरकारी और प्राइवेट कंपनी की मौजूदगी न होने पर हैरानी जताई।
वेटरिनरी विवि के प्रथम कुलपति रहे डा. एसके गर्ग ने कहा कि यहां के विकास से उनको काफी खुशी मिली है लेकिन जितना लाभ किसानों को इस संस्थान से लेना चाहिए था वह नहीं ले पाए हैं। इस दिशा में विवि को प्रयास और तेज करने होंगे।


विवि के कुलपति प्रो. एसी वार्ष्णेय ने कहा कि प्रदेश किसी मामले में कम नहीं है। यहां के किसान अच्छा दुग्ध उत्पादन कर रहे हैं लेकिन उन्हें वर्तमान चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कुपोषण की राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि समस्याएं अनेक हैं लेकिन इनके समाधान के लिए वैज्ञानिक व किसानों को कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। वेटरिनरी कालेज के डीन डा. सतीश गर्ग ने कहा कि वेटरिनरी विवि की हेंचरी से मुर्गी पालन की दिशा में काम कर रहे भरतपुर के लोग बेहद लाभ ले रहे हैं। यहां से चूजों की मांग इस कदर बढ़ी है कि वह पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। कार्यक्रम में निदेशक प्रसार डा. सर्वजीत यादव ने कहा कि विवि हर तरह से पशुपालकों की सेवा में तत्पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed