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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर: बनती रहीं योजनाएं लेकिन दर्शन की राह न हो सकी आसान, वीकेंड में कई गुना बढ़ जाती भीड़
Sat, 12 Aug 2023 10:05 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 12 Aug 2023 10:05 PM IST
सार
वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कई तरह की योजनाएं बनती रहीं लेकिन दर्शन की राह आसान न हो सकी।वीकेंड में यहां कई गुना श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है।
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Mathura: बांके बिहारी के दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। यह संख्या शनिवार और रविवार को बढ़कर कई गुना हो जाती है। मंदिर के आसपास की संकरी गलियों में भीड़ के दबाव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन द्वारा लंबे समय से योजनाएं बनाई जा रहीं हैं।
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इसके बावजूद श्रद्धालुओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं मंदिर क्षेत्र में रह रहे लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है। मंदिर क्षेत्र में रह रहे लोग दोपहिया वाहनों से अपने घर भी आवाजाही नहीं कर सकते। भीड़ और अव्यवस्थाओं को देखते हुए अधिकतर स्थानीय लोग आराध्य के दर्शन के लिए बांकेबिहारी मंदिर नहीं जा पा रहे हैं।
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बांकेबिहारी मंदिर में आ रहे श्रद्धालुओं की संख्या के देखते हुए मंदिर के जगमोहन और पीछे के चबूतरे को चौक में मिला देना चाहिए। ताकि मंदिर का आंतरिक क्षेत्र बड़ा हो जाएगा। इसके साथ ही मंदिर को जाने वाली गलियों का भी चौड़ीकरण किया जाए।
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बिहारी लाल वशिष्ठ, प्रवक्ता, अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा
मंदिर में क्षमता के अनुसार श्रद्धालुओं को प्रवेश देना चाहिए। मंदिर में दर्शनार्थियों का ठहराव नहीं होना चाहिए। श्रद्धालुओं का ठहराव होने से ही भीड़ का दबाव बन जाता है और अव्यवस्था हो जाती है। -सुरेश चन्द्र शर्मा, संस्थापक, ब्राह्मण महासभायह भी पढ़ेंः- होटल में गंदा काम: पहुंच गई पुलिस, कमरों में इस हाल में मिले युवक-युवतियां; देखकर शर्म से हो गए पानी-पानी
बांकेबिहारी मंदिर के आधारभूत ढांचे में आंशिक परिवर्तन होना चाहिए। गर्भगृह, जगमोहन तथा प्रांगण को छोड़कर सामने वाले हिस्से को खुला कर दिया जाए तथा मंदिर के चारों ओर रास्ता बनाया जाए, ताकि दर्शनार्थी पोस्ट ऑफिस के बराबर से खुले स्थान से दर्शन करते हुए संपूर्ण मंदिर की परिक्रमा कर दूसरे रास्ते से बाहर निकल जाएं। -राघव भारद्वाज, सचिव, श्री बृजवासी पंडा सभा, वृंदावन
बांकेबिहारी महाराज जब गर्भगृह में होते हैं तो दर्शन करने में सबसे ज्यादा समय लगता है। जगमोहन में कोई ऐसा शीशा लगाया जाए, जिससे प्रभु के दर्शन आराम से हो सकें। इससे भक्त जल्दी से दर्शन करके बाहर निकल सकेंगे। इसके साथ ही यातायात, बंदर, सीवर, सफाई, बिजली और पानी की समस्याओं का निदान करना चाहिए, जिससे जनता का विश्वास प्रशासन पर बन सके। -विश्वनाथ गुप्ता, ट्रस्टी, वृंदावन सेवा संस्थान