{"_id":"69e53019e8f8a6ff84074828","slug":"essential-for-generation-mindful-of-heritage-anoop-mathura-news-c-161-1-vrn1004-102435-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई पीढ़ी का धरोहर के प्रति सजग रहना आवश्यक: प्रो. अनूप कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई पीढ़ी का धरोहर के प्रति सजग रहना आवश्यक: प्रो. अनूप कुमार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन। जीएलए विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में नई पीढ़ी का धरोहर के प्रति सजग रहना परम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति बहुत समृद्ध है। श्रीकृष्ण की लीला भूमि होने के कारण ब्रजमंडल का महत्त्व पुराने समय से रहा है। ब्रजभूमि में विद्यमान धरोहर राष्ट्र व समाज के गौरव को दर्शाती है।
यह विचार उन्होंने विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर वृंदावन शोध संस्थान एवं पुरातत्त्व विभाग की आगरा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारत के विश्व धरोहर स्मारक एवं स्थल विषय पर व्याख्यान के दौरान व्यक्त किए। संस्थान के निदेशक राजीव द्विवेदी ने कहा भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण द्वारा धरोहर-स्मारकों एवं विभिन्न स्थलों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। भारत 1977 से यूनेस्को का सदस्य है। इसमें 44 महत्वपूर्ण स्थानों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में पहचाने जाने के संबंध में जानकारी दी।
प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ब्रजभूमि में स्थापत्य कला के अद्वितीय उदाहरण दृष्टिगोचर होते हैं। श्रीकृष्ण की लीला भूमि होने के कारण यह स्थान आज वैश्विक पटल पर महत्वपूर्ण है। इस परिप्रेक्ष्य में संस्थान के साथ एमएनआईटी का समझौता होने से छात्रों को स्वाभाविक रूप से लाभ प्राप्त होगा। शोध अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि धरोहर की परिभाषा बहुत ही व्यापक और वृहद है। इस अवसर पर मुकेश कुमार, पंचबहादुर, जितेंद्र रौतेला, ऋषिदेव सिंह, अमित कुमार, दिलीप कुमार, गोपालशरण शर्मा, सीमा शर्मा एवं चारू गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह विचार उन्होंने विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर वृंदावन शोध संस्थान एवं पुरातत्त्व विभाग की आगरा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भारत के विश्व धरोहर स्मारक एवं स्थल विषय पर व्याख्यान के दौरान व्यक्त किए। संस्थान के निदेशक राजीव द्विवेदी ने कहा भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण द्वारा धरोहर-स्मारकों एवं विभिन्न स्थलों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। भारत 1977 से यूनेस्को का सदस्य है। इसमें 44 महत्वपूर्ण स्थानों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में पहचाने जाने के संबंध में जानकारी दी।
विज्ञापन
प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि ब्रजभूमि में स्थापत्य कला के अद्वितीय उदाहरण दृष्टिगोचर होते हैं। श्रीकृष्ण की लीला भूमि होने के कारण यह स्थान आज वैश्विक पटल पर महत्वपूर्ण है। इस परिप्रेक्ष्य में संस्थान के साथ एमएनआईटी का समझौता होने से छात्रों को स्वाभाविक रूप से लाभ प्राप्त होगा। शोध अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि धरोहर की परिभाषा बहुत ही व्यापक और वृहद है। इस अवसर पर मुकेश कुमार, पंचबहादुर, जितेंद्र रौतेला, ऋषिदेव सिंह, अमित कुमार, दिलीप कुमार, गोपालशरण शर्मा, सीमा शर्मा एवं चारू गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन