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Mathura News: उजाला नहीं, अंधेरा करने को तैयार ऊर्जा एप
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यतीश शर्मा
मथुरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम जिले में लगे पुराने मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इसके साथ ही विद्युत कनेक्शनों को भी पोस्टपेड से प्रीपेड में तब्दील कर रहा है। प्रीपेड होने के बाद उपभोक्ता को ऊर्जा एप के माध्यम से बिल जमा करना होगा, लेकिन प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड होने के बाद ऊर्जा एप में उपभोक्ता का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। इस कारण वह बिजली घर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विद्युत चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम ने जिले में करीब ढाई लाख स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इसमें से दो लाख स्मार्ट मीटर पूर्व में लगे थे, जबकि 50 हजार पिछले छह माह के अंदर लगे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के कुछ समय बाद ही उपभोक्ता के कनेक्शन को प्रीपेड में तब्दील कर दिया। अब उसे ऊर्जा एप के जरिए कनेक्शन रिचार्ज करना होगा। उपभोक्ता को न तो स्मार्ट मीटर से समस्या है और न ही ऊर्जा एप से बिल जमा करने में। उनके मोबाइल में ऊर्जा एप डाउनलोड भी हो रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन इसमें नहीं हो पा रहा है।
अधिकारी नेटवर्क की समस्या बताकर उन्हें टरका देते हैं। अब उपभोक्ताओं के समक्ष यह समस्या है कि ऊर्जा एप में उनका रजिस्ट्रेशन हो नहीं हो रहा और बिल इसी एप के माध्यम से जमा करना है। अब यदि सही समय पर बिल जमा नहीं हुआ तो उनका विद्युत कनेक्शन काटने में निगम के अधिकारी पल भर की देरी नहीं करेंगे। कनेक्शन जोड़ने के लिए अधिकारियों को बिल जमा करने की रसीद का स्क्रीन शॉट चाहिए। इसके बिना विद्युत कनेक्शन नहीं जुड़ेगा।
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केस-1
कैंट सब स्टेशन के चंदनवन निवासी राकेश यादव ने बताया कि स्मार्ट मीटर के बाद उनका कनेक्शन तो प्रीपेड हो गया, लेकिन बिल जमा करने वाले ऊर्जा एप में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। वह कई बार विद्युत अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारी कोई न कोई बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
केस-2
औरंगाबाद सब स्टेशन के पोषित नरसीपुरम निवासी सुरेंद्र रावत ने बताया कि करीब छह माह पहले उनके यहां स्मार्ट मीटर लगा था। पिछले माह विद्युत बिल नहीं आया तो वह बिजली घर गए। यहां पता चला कि ऊर्जा एप से बिल जमा होगा। मोबाइल में एप डाउनलोड करने के बाद वह लगातार रजिस्ट्रेशन का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही।
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स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ता के मोबाइल में ऊर्जा एप डाउनलोड कराकर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। इसके बाद भी जिन उपभोक्ताओं का ऊर्जा एप में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है, वह अपने क्षेत्र के एसडीओ से संपर्क कर सकते हैं। -राजीव कुमार गर्ग, मुख्य अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम
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मथुरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम जिले में लगे पुराने मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इसके साथ ही विद्युत कनेक्शनों को भी पोस्टपेड से प्रीपेड में तब्दील कर रहा है। प्रीपेड होने के बाद उपभोक्ता को ऊर्जा एप के माध्यम से बिल जमा करना होगा, लेकिन प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड होने के बाद ऊर्जा एप में उपभोक्ता का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। इस कारण वह बिजली घर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विद्युत चोरी रोकने के लिए विद्युत निगम ने जिले में करीब ढाई लाख स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इसमें से दो लाख स्मार्ट मीटर पूर्व में लगे थे, जबकि 50 हजार पिछले छह माह के अंदर लगे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के कुछ समय बाद ही उपभोक्ता के कनेक्शन को प्रीपेड में तब्दील कर दिया। अब उसे ऊर्जा एप के जरिए कनेक्शन रिचार्ज करना होगा। उपभोक्ता को न तो स्मार्ट मीटर से समस्या है और न ही ऊर्जा एप से बिल जमा करने में। उनके मोबाइल में ऊर्जा एप डाउनलोड भी हो रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन इसमें नहीं हो पा रहा है।
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अधिकारी नेटवर्क की समस्या बताकर उन्हें टरका देते हैं। अब उपभोक्ताओं के समक्ष यह समस्या है कि ऊर्जा एप में उनका रजिस्ट्रेशन हो नहीं हो रहा और बिल इसी एप के माध्यम से जमा करना है। अब यदि सही समय पर बिल जमा नहीं हुआ तो उनका विद्युत कनेक्शन काटने में निगम के अधिकारी पल भर की देरी नहीं करेंगे। कनेक्शन जोड़ने के लिए अधिकारियों को बिल जमा करने की रसीद का स्क्रीन शॉट चाहिए। इसके बिना विद्युत कनेक्शन नहीं जुड़ेगा।
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केस-1
कैंट सब स्टेशन के चंदनवन निवासी राकेश यादव ने बताया कि स्मार्ट मीटर के बाद उनका कनेक्शन तो प्रीपेड हो गया, लेकिन बिल जमा करने वाले ऊर्जा एप में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। वह कई बार विद्युत अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारी कोई न कोई बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
केस-2
औरंगाबाद सब स्टेशन के पोषित नरसीपुरम निवासी सुरेंद्र रावत ने बताया कि करीब छह माह पहले उनके यहां स्मार्ट मीटर लगा था। पिछले माह विद्युत बिल नहीं आया तो वह बिजली घर गए। यहां पता चला कि ऊर्जा एप से बिल जमा होगा। मोबाइल में एप डाउनलोड करने के बाद वह लगातार रजिस्ट्रेशन का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही।
स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ता के मोबाइल में ऊर्जा एप डाउनलोड कराकर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। इसके बाद भी जिन उपभोक्ताओं का ऊर्जा एप में रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है, वह अपने क्षेत्र के एसडीओ से संपर्क कर सकते हैं। -राजीव कुमार गर्ग, मुख्य अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम