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Mathura News: आंधी से विद्युत निगम को 50 लाख का नुकसान, 24 घंटे बाद भी चल रहा कार्य
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मथुरा। टूटे हुए खंभे बदलवाते विद्युत निगम के कर्मचारी।
- फोटो : mathura
मथुरा। शुक्रवार रात को आई आंधी ने विद्युत निगम को 50 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया है। विद्युत निगम के सर्वे में 270 खंभे टूटने और छह ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। शहरी क्षेत्र में तो बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन ग्रामीण अंचल में 24 घंटे बाद भी काम चल रहा है। सोमवार को पूरी आपूर्ति बहाल हो सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मौसम की मार से विद्युत निगम का बुनियादी ढांचा बुरी तरह ध्वस्त हो गया। शहर से लेकर देहात तक आंधी में खंभे, ट्रांसफाॅर्मर और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण खंड प्रथम में हुआ है। इसमें नंदगांव, बदलेव, बरसाना, छाता और कोसीकलां शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम विजयमोहन खेड़ा ने बताया कि खंड में 150 के करीब बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं तीन ट्रांसफाॅर्मर और विद्युल लाइनों को भी नुकसान हुआ है। इससे निगम को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि रविवार सुबह तक खंड में आपूर्ति बहाल कर दी गई।
वहीं ग्रामीण खंड द्वितीय में शामिल राया, मांट, नौहझील, गोकुल आर लक्ष्मीनगर क्षेत्र में भी आंधी ने बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी। अधीक्षण ग्रामीण द्वितीय सुरेश कुमार सोनेरिया ने बताया कि खंड में 60 खंभे क्षतिग्रस्त हुए और दो ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो गए। इससे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शनिवार की सुबह से ही लगातार मरम्मत का कार्य जारी है, लेकिन अब तक क्षेत्र के कुछ गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। सोमवार सुबह तक यहां बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
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शहरी क्षेत्र में भी 60 खंभे टूटे
आंधी के चलते शहर में भी 60 बिजली के खंभे टूट गए। कहीं खंभे हवा से टूटे तो कहीं लाइनों पर पेड़ गिरने से खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं एक ट्रांसफाॅर्मर भी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। अधीक्षण अभियंता शहर सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि शुक्रवार की रात को ही 90 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। वहीं शनिवार को बाकी मरम्मत कार्य कर आपूर्ति शुरू करा दी गई है। हालांकि निगम को इससे 15 लाख का नुकसान हुआ है।
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मौसम की मार से विद्युत निगम का बुनियादी ढांचा बुरी तरह ध्वस्त हो गया। शहर से लेकर देहात तक आंधी में खंभे, ट्रांसफाॅर्मर और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण खंड प्रथम में हुआ है। इसमें नंदगांव, बदलेव, बरसाना, छाता और कोसीकलां शामिल हैं। अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम विजयमोहन खेड़ा ने बताया कि खंड में 150 के करीब बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं तीन ट्रांसफाॅर्मर और विद्युल लाइनों को भी नुकसान हुआ है। इससे निगम को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि रविवार सुबह तक खंड में आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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वहीं ग्रामीण खंड द्वितीय में शामिल राया, मांट, नौहझील, गोकुल आर लक्ष्मीनगर क्षेत्र में भी आंधी ने बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी। अधीक्षण ग्रामीण द्वितीय सुरेश कुमार सोनेरिया ने बताया कि खंड में 60 खंभे क्षतिग्रस्त हुए और दो ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो गए। इससे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शनिवार की सुबह से ही लगातार मरम्मत का कार्य जारी है, लेकिन अब तक क्षेत्र के कुछ गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। सोमवार सुबह तक यहां बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी।
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शहरी क्षेत्र में भी 60 खंभे टूटे
आंधी के चलते शहर में भी 60 बिजली के खंभे टूट गए। कहीं खंभे हवा से टूटे तो कहीं लाइनों पर पेड़ गिरने से खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं एक ट्रांसफाॅर्मर भी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। अधीक्षण अभियंता शहर सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि शुक्रवार की रात को ही 90 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। वहीं शनिवार को बाकी मरम्मत कार्य कर आपूर्ति शुरू करा दी गई है। हालांकि निगम को इससे 15 लाख का नुकसान हुआ है।