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Vrindavan: ठाकुर बांकेबिहारी को गर्मी से बचाने का जतन...108 दिन तक होगा ये इंतजाम, रोज होंगे लाखों रुपये खर्च
Mon, 07 Apr 2025 10:44 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 07 Apr 2025 10:44 PM IST
सार
ठाकुर बांकेबिहारी को गर्मी न लगे इसके लिए मंदिर में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। 108 दिन तक फूल बंगला सजाया जाएगा। इस पर रोज छह से 15 लाख रुपये तक का खर्चा आएगा।
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बांकेबिहारी मंदिर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी फूल बंगले में विराजमान होकर दर्शन देंगे। मंगलवार को कामदा एकादशी के शुभ अवसर से लेकर हरियाली अमावस्या तक फूल बंगला सजाने का यह सिलसिला जारी रहेगा। देश और विदेश से आने वाले फूलों से हर दिन फूल बंगला तैयार किया जाएगा।
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गर्मी से ठाकुर बांकेबिहारी को बचाने के लिए अब उन्हें फूल बंगले में विराजमान कराया जाएगा। हर साल कामदा एकादशी से फूल बंगला सजाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। मंगलवार का कामदा एकादशी है, ऐसे में आज से ही बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला सजाया जाएगा। यह सिलसिला 24 जुलाई को होने वाली हरियाली अमावस्या तक पूरे 108 दिन तक चलेगा।
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इस दौरान कई क्विंटल फूलों से फूल बंगला सजाया जाएगा। इसमें देश और विदेश से आने वाले फूलों का प्रयोग किया जाता है। अब फूलबंगला का स्वरूप बदल चुका है, विदेशी फूलों से सजा बंगला अब दिव्य और भव्य होता है। एक फूल बंगला सजाने पर करीब छह लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक खर्च आता है। फूल बंगले में विराजमान ठाकुर जी की शोभा देखते ही बनती है। ठाकुर जी की एक झलक पाने के लिए लोग देश और विदेश से पहुंचते हैं।
स्वामी हरिदास ने शुरू की थी परंपरा
सेवायत विप्रांश वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि भक्ति काल में स्वामी हरिदास ने बांके बिहारी को गर्मी न लगे इसके लिए फूल बंगला सजाने की परंपरा शुरू की थी। इसके बाद से अनवरत यह सिलसिला चला आ रहा है। 24 जुलाई को फूल बंगला सजाने का सिलसिला खत्म होन के ठीक तीन दिन बाद 27 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध झूलनोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी सोने- चांदी के रत्न जड़ित झूले में झूलकर आनंद उठाएंगे।
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सेवायत विप्रांश वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि भक्ति काल में स्वामी हरिदास ने बांके बिहारी को गर्मी न लगे इसके लिए फूल बंगला सजाने की परंपरा शुरू की थी। इसके बाद से अनवरत यह सिलसिला चला आ रहा है। 24 जुलाई को फूल बंगला सजाने का सिलसिला खत्म होन के ठीक तीन दिन बाद 27 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध झूलनोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी सोने- चांदी के रत्न जड़ित झूले में झूलकर आनंद उठाएंगे।
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परोसे जाएंगे पक्की रसोई के पकवान
मंगलवार को एकादशी होने की वजह से ठाकुर जी के राजभोग के साथ-साथ शयन भोग में भी पक्की रसोई के विभिन्न मिष्ठान और पकवान परोसे जाएंगे। दोनों ही समय उनके लिए छप्पन भोग धराए जाएंगे।
मंगलवार को एकादशी होने की वजह से ठाकुर जी के राजभोग के साथ-साथ शयन भोग में भी पक्की रसोई के विभिन्न मिष्ठान और पकवान परोसे जाएंगे। दोनों ही समय उनके लिए छप्पन भोग धराए जाएंगे।