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सावधान! गर्मी में भूख से खुंखार हुए बंदर और कुत्ते
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मथुरा। सावधान! बढ़ते तापमान के कारण इन दिनों कुत्ते और बंदर खूंखार हो रहे हैं। राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इनसे पीड़ित 300 से ज्यादा लोग रोजाना सरकारी अस्पतालों में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में इंजेक्शन न होने की जानकारी देते हुए उन्हें लौटाया जा रहा है।
पिछले दिनों जनपद का तापमान अपने अधिकतम स्तर तक पहुंच गया है। फहर के आसपास 48.5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। गर्मी के इस प्रभाव से बंदर और कुत्ते आक्रामक होते जा रहे हैं। सरकारी आकड़े के अनुसार प्रतिदिन करीब 300 लोग बंदर और कुत्तों के शिकार बन रहे हैं। इसमें अधिकांश को जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
पिछले दो दिन से जिला अस्पताल से बंदर और कुत्ता काटने से प्रभावित मरीजों को लाटा रहे हैं। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के चिकित्सक डॉ शंकर सिहं बताते हैं कि गर्मी के साथ इन दिनों लॉक डाउन में भोजन का अभाव भी बंदर और कुत्तों को चिड़चिड़ा बना रहा है। इसके कारण वे आक्रामक हो रहे हैं।
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लोगों पर हमलाकर रहे हैं। इन दिनों कुत्तों और बंदरों के काटने की घटनाएं तेजी के साथ बढ़ रही हैं। डॉ शंकर सिंह ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए लोगों को खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आवारा कुत्तों और बंदरों से बचकर चलें। उन्हें छेड़ें नहीं। काटने पर तत्काल इंजेक्शन लगवाएं।
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पिछले दिनों जनपद का तापमान अपने अधिकतम स्तर तक पहुंच गया है। फहर के आसपास 48.5 डिग्री सेल्सियस तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। गर्मी के इस प्रभाव से बंदर और कुत्ते आक्रामक होते जा रहे हैं। सरकारी आकड़े के अनुसार प्रतिदिन करीब 300 लोग बंदर और कुत्तों के शिकार बन रहे हैं। इसमें अधिकांश को जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
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पिछले दो दिन से जिला अस्पताल से बंदर और कुत्ता काटने से प्रभावित मरीजों को लाटा रहे हैं। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के चिकित्सक डॉ शंकर सिहं बताते हैं कि गर्मी के साथ इन दिनों लॉक डाउन में भोजन का अभाव भी बंदर और कुत्तों को चिड़चिड़ा बना रहा है। इसके कारण वे आक्रामक हो रहे हैं।
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लोगों पर हमलाकर रहे हैं। इन दिनों कुत्तों और बंदरों के काटने की घटनाएं तेजी के साथ बढ़ रही हैं। डॉ शंकर सिंह ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए लोगों को खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आवारा कुत्तों और बंदरों से बचकर चलें। उन्हें छेड़ें नहीं। काटने पर तत्काल इंजेक्शन लगवाएं।