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निदेशालय ने छांटे १० हजार छात्रों के संदेहास्पद दस्तावेज
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मथुरा। वर्ष २०२२ में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले एक चौथाई से अधिक छात्रों को समाज कल्याण निदेशालय ने संदेहास्पद छात्र के रूप में चिन्हित किया है। इससे विभागीय अधिकारियों को कान खडे़ हो गए हैं। निदेशालय द्वारा इन छात्रों का सस्पेक्ट डाटा समाज कल्याण विभाग को भेजा गया है। अब विभाग इस सस्पेक्ट डाटा की जानकारी करने मेें जुटा है।
इस वर्ष छात्रवृत्ति के लिए जनपद के करीब ३० हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। यह छात्र सामान्य तथा अनुसूचित जाति के हैं। इन छात्रों द्वारा आवेदन के साथ संबंधित कागजात भी लगाए गए थे। समाज कल्याण निदेशालय ने इन छात्रों में से लगभग १० हजार छात्रों को संदेहास्पद छात्रों के रूप में चिन्हित किया है। इन सभी छात्रों को सस्पेक्ट डाटा निदेशालय ने विभाग के लॉग इन पर डाल दिया है।
करीब तीन दिन पूर्व निदेशालय द्वारा सस्पेक्ट डाटा की जानकारी मिलते ही समाज कल्याण विभाग में हलचल मच गई है। वह संबंधित विद्यालयों से इस डाटा के बारे में जानकारी करने में जुट गए हैं। जानकारी रहे करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले के बाद समाज कल्याण निदेशालय ने गड़बड़ी रोकने के लिए कई परिवर्तन किए हैं, लेकिन इसके बाद भी छात्रवृत्ति आवेदन में गड़बड़ी पाई जा रही हैं। कार्यकारी समाज कल्याण अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि संदेह वाले छात्रों पर नजर रखी जा रही है।
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इस वर्ष छात्रवृत्ति के लिए जनपद के करीब ३० हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। यह छात्र सामान्य तथा अनुसूचित जाति के हैं। इन छात्रों द्वारा आवेदन के साथ संबंधित कागजात भी लगाए गए थे। समाज कल्याण निदेशालय ने इन छात्रों में से लगभग १० हजार छात्रों को संदेहास्पद छात्रों के रूप में चिन्हित किया है। इन सभी छात्रों को सस्पेक्ट डाटा निदेशालय ने विभाग के लॉग इन पर डाल दिया है।
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करीब तीन दिन पूर्व निदेशालय द्वारा सस्पेक्ट डाटा की जानकारी मिलते ही समाज कल्याण विभाग में हलचल मच गई है। वह संबंधित विद्यालयों से इस डाटा के बारे में जानकारी करने में जुट गए हैं। जानकारी रहे करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले के बाद समाज कल्याण निदेशालय ने गड़बड़ी रोकने के लिए कई परिवर्तन किए हैं, लेकिन इसके बाद भी छात्रवृत्ति आवेदन में गड़बड़ी पाई जा रही हैं। कार्यकारी समाज कल्याण अधिकारी व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि संदेह वाले छात्रों पर नजर रखी जा रही है।
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