{"_id":"685d9c094f612d4ea707410b","slug":"diarrhea-stop-campaign-launched-teams-will-go-door-to-door-mathura-news-c-369-1-mt11008-131682-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: डायरिया रोको अभियान का शुभारंभ, घर-घर जाएंगी टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: डायरिया रोको अभियान का शुभारंभ, घर-घर जाएंगी टीमें
विज्ञापन
मथुरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीनगर में डायरिया अभियान का शुभारंभ करते अधिकारी।
- फोटो : mathura
मथुरा। डायरिया रोको अभियान का शुभारंभ बृहस्पतिवार को लक्ष्मी नगर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने किया। यह अभियान आगामी 31 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान गठित टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शून्य से 5 साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। अभियान की इस साल की थीम डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान तय की गई है।
अभियान में पांच साल तक के बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां प्रदान कीं और उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। सीएमएओ ने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हों तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। डायरिया रोको अभियान के तहत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों में डायरिया से जुड़े प्रमुख संदेशों पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में बताया जाएगा कि दस्त के दौरान बच्चों को ओआरएस का घोल और तरल पदार्थ दिया जाए, दस्त होने पर बच्चों को उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दी जाए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार, यतेंद्र माहौर, डॉ. पारुल, फौजिया, पूनम यादव, शशांक दुबे, चोब सिंह बघेल आदि मौजूद रहे।
डायरिया से डरें नहीं कार्यक्रम की समीक्षा बैठक
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को डायरिया से डरें नहीं कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस और जिंक कॉर्नर बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फ्रंट लाइन वर्कर का डायरिया के बारे में अभिमुखीकरण पर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शून्य से 5 साल तक के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। अभियान की इस साल की थीम डायरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान तय की गई है।
विज्ञापन
अभियान में पांच साल तक के बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां प्रदान कीं और उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। सीएमएओ ने कहा कि बच्चे को दिन भर में तीन या तीन से अधिक बार दस्त हों तो समझना चाहिए कि बच्चा डायरिया से ग्रसित है और ऐसे में उसको तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। डायरिया रोको अभियान के तहत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों में डायरिया से जुड़े प्रमुख संदेशों पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में बताया जाएगा कि दस्त के दौरान बच्चों को ओआरएस का घोल और तरल पदार्थ दिया जाए, दस्त होने पर बच्चों को उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य दी जाए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार, यतेंद्र माहौर, डॉ. पारुल, फौजिया, पूनम यादव, शशांक दुबे, चोब सिंह बघेल आदि मौजूद रहे।
डायरिया से डरें नहीं कार्यक्रम की समीक्षा बैठक
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को डायरिया से डरें नहीं कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस और जिंक कॉर्नर बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि दीवार लेखन के माध्यम से भी लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फ्रंट लाइन वर्कर का डायरिया के बारे में अभिमुखीकरण पर भी चर्चा हुई।