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Mathura News: बांकेबिहारी के दर्शन को उमड़े भक्त, दो लोग बेहोश
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वृंदावन। कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार सुबह से ही बांकेबिहारी के दर्शनों के लिए भारी तादाद में भक्त उमड़ पड़े। मंदिर से लेकर विद्यापीठ चौराहे और जुगलघाट तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। भीड़ के दबाव के बीच पुलिस प्रशासन की सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। भीड़ के दबाव में मंदिर परिसर के अंदर जयपुर निवासी सावित्री देवी(55) और मंदिर के गेट संख्या 2 पर तैनात सिपाही महेंद्र बेहोश हो गया। मंदिर में डॉक्टरों की टीम ने दोनों को तत्काल उपचार दिया। सिपाही महेंद्र की हालत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया। वहीं, सावित्री देवी को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुबह मंदिर के पट खुलने से लगभग दो घंटे पहले ही मंदिर के द्वार से लेकर बांकेबिहारी बाजार तक श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। सुबह साढ़े आठ बजे जैसे ही पट खुले, श्रद्धालुओं की भीड़ ने मंदिर प्रवेश किया। इससे मंदिर का चौक और जगमोहन खचाखच भर गया। उधर, मंदिर के बाहर भक्तों में होड़ मची रही। कई महिला श्रद्धालु तो रेलिंग को फांदकर मंदिर की ओर बढ़ती नजर आईं। मंदिर के पट बंद होने तक श्रद्धालु बांकेबिहारी की गलियों में भीड़ के दबाव के बीच मंदिर तक पहुंचने के लिए हर जतन करते देखे गए। मंदिर के द्वार से संकरी गलियों और बांकेबिहारी बाजार से लेकर विद्यापीठ चैराहे तक और मंदिर के गेट संख्या दो से जुगलघाट तक जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी।
इतना ही नहीं मंदिर की ओर जाने वाली छोटी-छोटी गलियों में भी भीड़ जमा रहीं। स्थिति उस वक्त नियंत्रण से बाहर हो गई जब मंदिर के पट बंद होने से पहले ठाकुरजी के भोग के आ गए। इस दौरान करीब 20 मिनट के लिए मंदिर के चारों तरफ श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा गया। इससे मंदिर के आसपास के प्रमुख बाजारों में आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा तिथि के कारण सोमवार को करीब तीन लाख श्रद्धालु बांकेबिहारी के दर्शन करने आए। इस अवसर पर लोग पंचकोसीय परिक्रमा लगाने के लिए आते हैं।
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लाखों भक्तों ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा
कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों भक्तों ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। सुबह भक्तों ने पूर्ण आस्था के साथ यमुना स्नान किया। इसके बाद मंदिरों में मंगला दर्शन कर परिक्रमा लगाई। संत, महंत और देशी-विदेशी भक्तोें ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा लगाई। जुगलघाट, बिहारघाट, चीरघाट, केशीघाट, गोविंद घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान कर यमुना का पूजन किया। इसके बाद राधा दामोदर मंदिर समेत सप्तदेवालयों और सेवाकुंज में मंगला दर्शन किए। मंगला आरती करने के बाद पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। पंडित परमानंद शास्त्री ने बताया कि कार्तिक मास नियम सेवा में वृंदावन और मंदिरों की परिक्रमा का विशेष महत्व है।
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सुबह मंदिर के पट खुलने से लगभग दो घंटे पहले ही मंदिर के द्वार से लेकर बांकेबिहारी बाजार तक श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। सुबह साढ़े आठ बजे जैसे ही पट खुले, श्रद्धालुओं की भीड़ ने मंदिर प्रवेश किया। इससे मंदिर का चौक और जगमोहन खचाखच भर गया। उधर, मंदिर के बाहर भक्तों में होड़ मची रही। कई महिला श्रद्धालु तो रेलिंग को फांदकर मंदिर की ओर बढ़ती नजर आईं। मंदिर के पट बंद होने तक श्रद्धालु बांकेबिहारी की गलियों में भीड़ के दबाव के बीच मंदिर तक पहुंचने के लिए हर जतन करते देखे गए। मंदिर के द्वार से संकरी गलियों और बांकेबिहारी बाजार से लेकर विद्यापीठ चैराहे तक और मंदिर के गेट संख्या दो से जुगलघाट तक जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी।
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इतना ही नहीं मंदिर की ओर जाने वाली छोटी-छोटी गलियों में भी भीड़ जमा रहीं। स्थिति उस वक्त नियंत्रण से बाहर हो गई जब मंदिर के पट बंद होने से पहले ठाकुरजी के भोग के आ गए। इस दौरान करीब 20 मिनट के लिए मंदिर के चारों तरफ श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा गया। इससे मंदिर के आसपास के प्रमुख बाजारों में आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। बांकेबिहारी मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा तिथि के कारण सोमवार को करीब तीन लाख श्रद्धालु बांकेबिहारी के दर्शन करने आए। इस अवसर पर लोग पंचकोसीय परिक्रमा लगाने के लिए आते हैं।
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लाखों भक्तों ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा
कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों भक्तों ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। सुबह भक्तों ने पूर्ण आस्था के साथ यमुना स्नान किया। इसके बाद मंदिरों में मंगला दर्शन कर परिक्रमा लगाई। संत, महंत और देशी-विदेशी भक्तोें ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा लगाई। जुगलघाट, बिहारघाट, चीरघाट, केशीघाट, गोविंद घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान कर यमुना का पूजन किया। इसके बाद राधा दामोदर मंदिर समेत सप्तदेवालयों और सेवाकुंज में मंगला दर्शन किए। मंगला आरती करने के बाद पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। पंडित परमानंद शास्त्री ने बताया कि कार्तिक मास नियम सेवा में वृंदावन और मंदिरों की परिक्रमा का विशेष महत्व है।