{"_id":"69daae1859d9b1b6910e911b","slug":"devotees-aboard-boat-members-of-banke-bihari-club-mathura-news-c-412-1-mt21007-6988-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे बोट सवार श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे बोट सवार श्रद्धालु
विज्ञापन
नंदगांव के नंदभवन में शनिवार को फूल बंगला और भजन संध्या की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। साउंड सिस्टम लग चुका था, नंदभवन में फूल बंगला के लिए फूलों का आर्डर लग चुका था, भंडारे के लिए हलवाई और सामान की व्यवस्था हो चुकी थी। सजावट अपने अंतिम रूप में थी और श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी पूरी थीं, लेकिन इससे पहले कि भक्ति और उल्लास का माहौल बनता, वृंदावन की यमुना में हुए दर्दनाक हादसे ने सब कुछ शोक में बदल दिया। श्रद्धालुओं ने अपना बांके बिहारी क्लब बना रखा था।
लुधियाना के जगरांव से आए श्रद्धालुओं का यह दल हर साल की तरह इस बार भी ब्रज यात्रा पर निकला था। ‘बांके बिहारी क्लब’ के नाम से संगठित ये श्रद्धालु ठाकुरजी के प्रति गहरी आस्था रखते थे। नौकरीपेशा होने के बावजूद ये लोग नियमित रूप से कीर्तन करते और जो भी धन एकत्र होता, उससे हर तीन महीने में ब्रज में भंडारे का आयोजन करते थे। वृंदावन में तीन दिन का विशाल अखंड भंडारा इनकी पहचान बन चुका था।
9 अप्रैल की रात को यह यात्रा बड़े उत्साह के साथ निकली थी। 11 अप्रैल को नंदगांव में फूल बंगला और भजन संध्या का आयोजन इस यात्रा का मुख्य आकर्षण था, लेकिन शुक्रवार को वृंदावन यमुना में मोटरबोट पलटने से 37 लोगों में से 11 की मौत हो गई, जबकि 5 श्रद्धालु अब भी लापता हैं। हादसे में यात्रा के प्रमुख कर्ताधर्ता मधुर की भी मौत हो गई, जिससे पूरे समूह में गहरा शोक व्याप्त है। नंदगांव में जहां भजन की धुनें गूंजनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। तैयारियां पूरी होने के बावजूद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू हैं और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लुधियाना के जगरांव से आए श्रद्धालुओं का यह दल हर साल की तरह इस बार भी ब्रज यात्रा पर निकला था। ‘बांके बिहारी क्लब’ के नाम से संगठित ये श्रद्धालु ठाकुरजी के प्रति गहरी आस्था रखते थे। नौकरीपेशा होने के बावजूद ये लोग नियमित रूप से कीर्तन करते और जो भी धन एकत्र होता, उससे हर तीन महीने में ब्रज में भंडारे का आयोजन करते थे। वृंदावन में तीन दिन का विशाल अखंड भंडारा इनकी पहचान बन चुका था।
विज्ञापन
9 अप्रैल की रात को यह यात्रा बड़े उत्साह के साथ निकली थी। 11 अप्रैल को नंदगांव में फूल बंगला और भजन संध्या का आयोजन इस यात्रा का मुख्य आकर्षण था, लेकिन शुक्रवार को वृंदावन यमुना में मोटरबोट पलटने से 37 लोगों में से 11 की मौत हो गई, जबकि 5 श्रद्धालु अब भी लापता हैं। हादसे में यात्रा के प्रमुख कर्ताधर्ता मधुर की भी मौत हो गई, जिससे पूरे समूह में गहरा शोक व्याप्त है। नंदगांव में जहां भजन की धुनें गूंजनी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। तैयारियां पूरी होने के बावजूद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू हैं और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।
विज्ञापन