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प्रदोष काल में दीपावली पूजन सबसे अधिक मंगलकारी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:37 PM IST
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दीपावली पर पूजन करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय प्रदोष काल है। प्रदोष समय के अधिपति भगवान शंकर जी हैं। महालक्ष्मी पूजन के लिए ये समय सर्वश्रेष्ठ होगा। ये अवधि शाम 5:34 से रात 8:12 बजे तक रहेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष शंकर शास्त्री के अनुसार वैसे 11 नवंबर को दीपावली का पूजन सर्वमान्य है। अमावस्या रात 11:17 बजे तक रहेगी। दीपावली पूजन सुबह 9:21 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
कर्क लगन रात 9:53 बजे से शुरू होकर निशीध काल मध्य रात्रि 12:12 बजे तक रहेगी। अत: सभी भक्त रात विशेष श्रीसूक्त कनक धारा स्त्रोत का पाठ करें। देशी घी का दीपक और मेवा काजू, किसमिस का प्रसाद लगाए।
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दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार का दिन और सौभाग्य योग इस दिवाली को कारोबारियों के लिए और भी शुभ बना रहा है।
दिवाली का पूजन इस बार स्वाती और विशाखा नक्षत्र में होगा। स्वाति नक्षत्र 1:34 बजे तक और उसके बाद विशाखा नक्षत्र आ जाएगा।
ज्योतिर्विद ओमप्रकाश गौतम के अनुसार राहु काल 12 बजे से डेढ़ बजे तक रहेगा। इससे पूर्व या फिर इसके बाद लक्ष्मी का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।
महालक्ष्मी पूजन के ये भी है शुभ मुहूर्त...
-प्रात: छह बजे से 9:30 बजे तक लाभ अमृत चौघड़िया
-मील फैक्ट्री पूजन के लिए सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे तक शुभ चौघड़िया
-प्रतिष्ठानों पर पूजन के लिए अपराह्न तीन बजे से छह बजे तक चर लाभ चौघड़िया और शाम साढ़े पांच बजे से 7:39 बजे तक वृष लगन प्रदोष चौघड़िया श्रेष्ठ
-घर के पूजन के लिए रात्रि 8:45 बजे से अमृत चौघड़िया, रात 11:53 बजे तक शुभ मुहूर्त
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ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष शंकर शास्त्री के अनुसार वैसे 11 नवंबर को दीपावली का पूजन सर्वमान्य है। अमावस्या रात 11:17 बजे तक रहेगी। दीपावली पूजन सुबह 9:21 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
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कर्क लगन रात 9:53 बजे से शुरू होकर निशीध काल मध्य रात्रि 12:12 बजे तक रहेगी। अत: सभी भक्त रात विशेष श्रीसूक्त कनक धारा स्त्रोत का पाठ करें। देशी घी का दीपक और मेवा काजू, किसमिस का प्रसाद लगाए।
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दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार का दिन और सौभाग्य योग इस दिवाली को कारोबारियों के लिए और भी शुभ बना रहा है।
दिवाली का पूजन इस बार स्वाती और विशाखा नक्षत्र में होगा। स्वाति नक्षत्र 1:34 बजे तक और उसके बाद विशाखा नक्षत्र आ जाएगा।
ज्योतिर्विद ओमप्रकाश गौतम के अनुसार राहु काल 12 बजे से डेढ़ बजे तक रहेगा। इससे पूर्व या फिर इसके बाद लक्ष्मी का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।
महालक्ष्मी पूजन के ये भी है शुभ मुहूर्त...
-प्रात: छह बजे से 9:30 बजे तक लाभ अमृत चौघड़िया
-मील फैक्ट्री पूजन के लिए सुबह साढ़े दस बजे से 12 बजे तक शुभ चौघड़िया
-प्रतिष्ठानों पर पूजन के लिए अपराह्न तीन बजे से छह बजे तक चर लाभ चौघड़िया और शाम साढ़े पांच बजे से 7:39 बजे तक वृष लगन प्रदोष चौघड़िया श्रेष्ठ
-घर के पूजन के लिए रात्रि 8:45 बजे से अमृत चौघड़िया, रात 11:53 बजे तक शुभ मुहूर्त