फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Deepak, a quiet person, did not talk much to anyone.

Mathura News: शांत स्वभाव के दीपक नहीं करते थे किसी से ज्यादा बातें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
Deepak, a quiet person, did not talk much to anyone.
वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की आत्महत्या के मामले में पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष नहीं पहुंच पाई है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जांच में जुटी हैं। दीपक की मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने से लेकर आश्रम में रहने वाले शिष्यों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में पता चल कि दीपक किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे और अपने वह कमरे में शांत बैठ रहते थे। सीसीटीवी कैमरे से आत्महत्या की बात तो स्पष्ट हो गई लेकिन पुलिस प्राइवेट पार्ट काटने के कारणों की जांच कर रही है। वहीं घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दीपक सड़क पर गिरते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन


पुलिस आश्रम में दीपक के साथ रहने वाले शिष्य जुगलशरण के अलावा अन्य आसपास के दुकानदारों से भी जानकारी कर रही है। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार दुलारीशरण बिजली का काम जानते थे, ऐसे में आश्रम में इस काम में सहयोग करते थे। पुलिस आश्रम में आने-जाने वालों की डेटा बना रही है। वहीं दुलारीशरण के कमरे में आने-जाने और उससे संपर्क रखने वाले लोगों की सूची तैयार कर उनसे जानकारी जुटाई जाएगी। दुलारीशरण की मौत के बाद आश्रम प्रबंधन की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सीओ वृंदावन संदीप सिंह का कहना है कि पुलिस कई बिंदुओं के साथ प्राइवेट पार्ट काटने के कारणों की जांच कर रही है। दुलारीशरण की मौत के मामले में ब्रज के संत निष्पक्ष जांच चाहते हैं। कुछ संतों ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग की तो कुछ ने सीबीआई से जांच कराने की।
विज्ञापन


परिजन से नहीं मिले संत प्रेमानंद
शिष्य रसिक दुलारीशरण संत प्रेमानंद महाराज के दीक्षित परिकर थे। उनके शव का वृंदावन के केसी घाट पर अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन जबलपुर के लिए रवाना हो गए। हालांकि इस दौरान उन्हें संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन नहीं हो पाए। दुलारीशरण के छोटे भाई मनीष ने बताया कि वह लोग जबलपुर निकल आए हैं। कहा कि अगर संत प्रेमानंद महाराज परिजन से मिलते तो वह उनसे पूछते की महाराजजी आपके होते हुए ऐसा कैसे हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोती-बिलखती मां लौंगदेवी ने कहा बेटे की मौत ने उन्हें झकझोर दिया है। उनकी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। पिछली बार जब बेटे से मुलाकात हुई तो उन्होंने समझाया था कि बेटा तुम घर लौट चलो, तब उसने कह दिया कि मां अब तो मेरा यही घर हैं। चूंकि संत के आश्रम में था, लग रहा था कि सुरक्षित होगा लेकिन जब दो वर्षों से प्रबंधन ने न मिलने दिया और न बात कराई। उन्हें हमेशा बेटे की चिंता सताती रहती थी अब उनका बेटा हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed