फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Debris scattered everywhere, there was screaming and shouting, seeing this the heart was shaken

Mathura News: हर तरफ बिखरा मलबा, मची थी चीख-पुकार, देखकर दहला दिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jun 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
Debris scattered everywhere, there was screaming and shouting, seeing this the heart was shaken
मथुरा। परिवार के दबे होने की आशंका पर मलबा हटाते सिविल डिफेंस के लोग।  - फोटो : mathura
मथुरा। गोविंदनगर थाना क्षेत्र कच्ची सड़क स्थित सिद्धबाबा मंदिर के पास माया टीले पर बने छह मकान ढह गए। हर तरफ मलबा और घरों में रखा सामान बिखरा था। मकानों में रहने वाले और टीले के नीचे काम करने वालों का कहीं अतापता नहीं था। टीले की नींव से मिट्टी की खोदाई कर दीवार बनाने का काम किया जा रहा था। हादसे में मिट्टी लेकर जा रहा ट्रैक्टर भी मौके पर ही दब गया। यह मंजर दिल को दहलाने वाला था।
विज्ञापन

सिद्धबाबा मंदिर के पास स्थित माया टीले पर एक सैकड़ा के करीब मकान बने हुए हैं। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि टीला ढहने से कभी इतना बड़ा हादसा भी हो सकता है। दरअसल माया टीला के साथ ही आसपास अंबरीश टीला, चिड़ीमार टीला भी हैं। ये सभी टीले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। माया टीला की नींव से मिट्टी की खुदाई कर दीवार बनाने का काम किया जा रहा था। रविवार को भी सुबह से ही मिट्टी की खुदाई कराई जा रही थी। हाइड्रा की मदद से मिट्टी काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर भेजी जा रही थी। तभी दोपहर 12 बजे के करीब टीले के मिट्टी ढहना शुरू हुई और ऊपर बने छह मकान भरभराकर ढह गए। इससे मकान में रहने वाले लोगों के साथ ही नीचे काम कर रहे मजदूर भी दब गए। मिट्टी भरकर ले जा रहा ट्रैक्टर भी मलबे में दब गया।
विज्ञापन

टीला इस तरह खिसका कि मकानों का मलबा 60 से 70 फुट दूर तक फैला पड़ा था। कहीं मलबे में गेट नजर आ रहा था तो कहीं खिड़ी। किसी का बक्सा पड़ा था तो किसी का फ्रिज। जिसने भी यह मंजर देखा उसका दिल दहल गया। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उनके भी हाथ पैर फूल गए। किसी को नहीं पता था कि मलबे में कितनी जिंदगियां दबी हैं। ढहने के बाद बचे आधे-अधूरे मकान भी लटक रहे थे, जिनसे कभी भी दोबारा हादसे की आशंका भी बनी हुई थी। अधिकारी भी इस मंजर को देखकर परेशान थे, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शुरू कहां से करें। साढ़े 12 बजे के करीब मलबा हटाने का काम नगर निगम और अग्निशमन की टीम ने शुरू किया। इस दौरान मलबे से पहले एक युवक को निकाला गया और अधूरे मकान से दो बच्चियों को निकाला गया। तीनों को जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने शुरू किया बचाव कार्य
घटना पर जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई थी। दोपहर साढ़े तीन बजे करीब इटावा से पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया। वहीं साढ़े चार बजे के करीब एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दोनों टीमों ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।

---
सायरनों से गूंजता रहा क्षेत्र
दुर्घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी और अग्निशमन की गाड़ियां मौके पर पहंचना शुरू हो गईं थीं। वहीं घायलों के उपचार के लिए एंबुलेंस भी मंगाई गईं थीं। पूरा क्षेत्र पुलिस और एंबुलेंस के सायरन से गूंजता रहा। वृंदावन रोड स्थित अग्रसेन चौराहे से घटनास्थल की ओर जाने वाला रास्ता बैरियर लगाकर बंद कर दिया। घटनास्थल की ओर किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं जाने दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed