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विधायक चिल्लाते रहे, न पुलिस ने सुनी न डॉक्टरों ने
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फरह (मथुरा)। मौत से जूझ रहे ग्रामीण को बचाने के लिए विधायक कभी पुलिस को तो कभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी पुकार नहीं सुनी और अंतत: ग्रामीण की दर्द से तड़पते हुए मौत हो गई। इसके बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के परिजनों की जांच को नमूने लिए। मृतक आगरा की मंडी में आढ़त का काम करता था।
गांव भदेरुआ, फरह निवासी रौतान सिंह (52) की आगरा की सिकंदरा सब्जी मंडी में आढ़त थी। वह रोज वहां जाता था, 10 दिन पूर्व अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि उसे हल्का बुखार आता था। सांस लेने में भी दिक्कत होती थी। बृहस्पतिवार की रात दर्द और बुखार से तड़प रहा था, ग्रामीणों ने विधायक पूरन प्रकाश को अवगत कराया।
विधायक ने स्थानीय पुलिस और सीएचसी फरह पर सूचना दी। उनकी सूचना को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। रात 12 बजे एएसपी को समस्या से अवगत कराया। तब पुलिस पहुंची। लेकिन ग्रामीण की मौत हो चुकी थी। विधायक पूरन प्रकाश ने बताया कि फरह स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस को सूचना दी थी, इसके बावजूद किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ग्रामीण को इलाज मिल जाता तो उसे बचाया जा सकता था। बिना जांच के ही परिजनों ने मृतक का दाह संस्कार कर दिया।
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गांव भदेरुआ, फरह निवासी रौतान सिंह (52) की आगरा की सिकंदरा सब्जी मंडी में आढ़त थी। वह रोज वहां जाता था, 10 दिन पूर्व अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि उसे हल्का बुखार आता था। सांस लेने में भी दिक्कत होती थी। बृहस्पतिवार की रात दर्द और बुखार से तड़प रहा था, ग्रामीणों ने विधायक पूरन प्रकाश को अवगत कराया।
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विधायक ने स्थानीय पुलिस और सीएचसी फरह पर सूचना दी। उनकी सूचना को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। रात 12 बजे एएसपी को समस्या से अवगत कराया। तब पुलिस पहुंची। लेकिन ग्रामीण की मौत हो चुकी थी। विधायक पूरन प्रकाश ने बताया कि फरह स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस को सूचना दी थी, इसके बावजूद किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। ग्रामीण को इलाज मिल जाता तो उसे बचाया जा सकता था। बिना जांच के ही परिजनों ने मृतक का दाह संस्कार कर दिया।
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