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प्रदूषण के चलते मरने लगे मछलियां व कछुए 18-00-34

Fri, 03 Jan 2020 12:12 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 12:12 AM IST
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dead the tortoise and fish to pollution in radhakund and shyamakund
राधाकुंड स्थित श्यामकुंड के जल में मरने लगे कछुए। - फोटो : MATHURA
राधाकुंड(मथुरा)। श्रीधाम राधाकुंड-श्यामकुंड में पिछले एक सप्ताह से मछली एवं कछुआ मर रहे हैं। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में मरी मछलियां और कछुआ मिलने से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। जलीय जंतुओं के मरने से क्षेत्र में बदबू फैल रही है। इससे नाराज होकर लोगों ने प्रशासन और प्रदूषण विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि कुछ दिन पूर्व कुसुम सरोवर में भी बड़ी संख्या में मछलियां मरी थीं फिर भी प्रशासन ने अन्य कुंडों की देखरेख पर ध्यान नहीं दिया।
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गोवर्धन क्षेेत्र में एतिहासिक कुंडों में जलीय जीवों के मरने पर प्रशासन और प्रदूषण विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों कुसुम सरोवर में मछलियां और कछुुआ मरा मिलने के बाद भी अधिकारियों ने अन्य कुंडों पर ध्यान नहीं दिया। अब राधाकुंड-श्यामकुंड में मछलियां और कछुए मरे हैं। जल में मरे जलीय जीवों को देखकर श्रद्धालु भी आचमन से कतरा रहे हैं। पिछले कई वर्ष से कुंड के जल में जलचर मर रहे हैं। पूर्व में जब पानी की जांच हुई तो रिपोर्ट में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड 15 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई थी जबकि यह आंकड़ा 40 होना चाहिए।
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यह स्थिति सर्दियों में मछली और कछुआ के लिए घातक होती है। राधाकुंड-श्यामकुंड के जल में बढ़ते प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। मरे हुए जलचरों को कुत्ते ले जा रहे हैं। इस स्थिति को देख परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का मन व्यथित हो रहा है। तीर्थ पुरोहित रमाकांत भंडारी, तुलसीराम गौड़ ने कहा है कि यहां प्रतिवर्ष हजारों मछली व कछुआ मर रहे हैं। स्थानीय निवासी पीतम मुनीम, राजू देशला, रितेश दीक्षित, मोहन पचौरी, अन्ना कौशिक, इरफान, बलराम आदि ने डीएम से पानी की जांच कराने की मांग की है। लोगों ने राधाकुंड-श्यामकुंड में मछली और कछुआ मरने की घटना की जानकारी गोवर्धन एसडीएम राहुल यादव को दी। उन्होंने बताया कि मछली और कछुआ मरने की सूचना मिली है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। जल के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी।
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अधिकारियों का कहना
पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण जलीय जीव मर रहे हैं। पिछले कुछ दिन में सूर्य की भरपूर रोशनी न मिल पाने के कारण ऑक्सीजन में कमी हुई है। शुक्रवार को टीम भेजकर कुंड के पानी के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी तथा जलीय जीवों को बचाने के प्रयास करेंगे। - डॉ. अरविंद कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी।
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