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Mathura News: दर्द आज...अल्ट्रासाउंड 14 दिन बाद
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जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर के बाहर जांच के लिए बैठे मरीज।
- फोटो : mathura
मथुरा। अगर आपको दर्द हो रहा है तो इसका अल्ट्रासाउंड जिला अस्पताल में तत्काल नहीं होगा। आपको दो सप्ताह पीड़ा सहन करनी होगी। इसके बाद ही आपका अल्ट्रासाउंड होगा। इसकी मूल वजह यह है कि अस्पताल में दो मशीनें होने के बाद भी एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। एक दिन में 30 से 35 अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं, जबकि प्रतिदिन यहां 100 से अधिक मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
शनिवार को ओपीडी में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ थी। मरीज व उनके परिजन अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। यहां पेट के दर्द से परेशान भरतपुर गेट निवासी मोबिना जांच कराने पहुंची थीं। बताया कि वह 10 दिन पहले जांच कराने अस्पताल आई थीं तब उन्हें 18 जनवरी की तारीख पर्चे पर देकर लौटा दिया था। अमित कुमार भी जांच कराने पहुंचे। दो घंटे बाद जब वह कक्ष में पहुंचे तो स्टाफ ने पर्चा देकर अगले दो सप्ताह बाद आने की बात कही। इस पर बहस हो गई।
अन्य मरीज यमुना पार निवासी रोहताश का कहना था कि स्टाफ मरीज की समस्या देखकर जांच नहीं कर रहे हैं, केवल तारीख दे देते हैं।
गर्भवती महिलाओं को भी सहना पड़ रहा दर्द
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीन हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एक मशीन को संचालित किया जा रहा है जबकि दूसरी मशीन इमरजेंसी के लिए रखी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी दो सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। रेडियोलोजिस्ट डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जो मरीज भर्ती हैं उनकी जांच एक दो दिन में ही जांच होती है। प्रतिदिन करीब 35 मरीजों की जांच की जा रही है, वहीं लगभग 15-20 मरीजों को अगले सप्ताह की तारीख दी जा रही है।
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वर्जन
अस्पताल में जांच के लिए अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट सिर्फ एक ही है। इसलिए दिक्कत आ रही है। गंभीर मरीजों को जांच में प्राथमिकता के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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शनिवार को ओपीडी में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ थी। मरीज व उनके परिजन अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। यहां पेट के दर्द से परेशान भरतपुर गेट निवासी मोबिना जांच कराने पहुंची थीं। बताया कि वह 10 दिन पहले जांच कराने अस्पताल आई थीं तब उन्हें 18 जनवरी की तारीख पर्चे पर देकर लौटा दिया था। अमित कुमार भी जांच कराने पहुंचे। दो घंटे बाद जब वह कक्ष में पहुंचे तो स्टाफ ने पर्चा देकर अगले दो सप्ताह बाद आने की बात कही। इस पर बहस हो गई।
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अन्य मरीज यमुना पार निवासी रोहताश का कहना था कि स्टाफ मरीज की समस्या देखकर जांच नहीं कर रहे हैं, केवल तारीख दे देते हैं।
गर्भवती महिलाओं को भी सहना पड़ रहा दर्द
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की दो मशीन हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार एक मशीन को संचालित किया जा रहा है जबकि दूसरी मशीन इमरजेंसी के लिए रखी है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी दो सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। रेडियोलोजिस्ट डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जो मरीज भर्ती हैं उनकी जांच एक दो दिन में ही जांच होती है। प्रतिदिन करीब 35 मरीजों की जांच की जा रही है, वहीं लगभग 15-20 मरीजों को अगले सप्ताह की तारीख दी जा रही है।
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अस्पताल में जांच के लिए अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट सिर्फ एक ही है। इसलिए दिक्कत आ रही है। गंभीर मरीजों को जांच में प्राथमिकता के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. मुकुंद बंसल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक