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जेल में बंद महिला ने रजिस्ट्री दफ्तर जाकर बेचा मकान
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:10 AM IST
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jail break
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हत्या के एक मामले में जेल में बंद महिला ने रजिस्ट्री दफ्तर जाकर अपना मकान बेच डाला। खुलासा होने पर हड़कंप मच गया। डीएम ने बंदीरक्षक और इस पूरे प्रकरण में शामिल रहे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। पूरे मामले में बंदीरक्षकों की मिलीभगत सामने आ रही है।
हाईवे थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालाजीपुरम निवासी राजू शर्मा की पत्नी ज्योति शर्मा हत्या के एक आरोप में जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि उसने अपने मकान का बैनामा करने के लिए डीएम से पैरोल मांगी थी। डीएम ने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण पैरोल देने से इनकार कर दिया। महिला ने पैरोल की जो अर्जी लगाई थी, उसमें अपने पति का नाम और घर का पता बदल दिया था।
पैरोल नहीं मिली तो ज्योति ने 27 अक्तूबर को पेशी पर आने के दौरान रजिस्ट्री दफ्तर पर पहुंचकर लक्ष्मीपुरा कालोनी में स्थित अपने मकान को बलराम पुत्र रामगोपाल निवासी बलदेव को बेच दिया। इसमें रिंकू शर्मा और लक्ष्मीनारायण गवाह बने हैं। पूरे मामले का खुलासा एक शिकायत से हुआ जो डीएम से लेकर रजिस्ट्री दफ्तर तक पहुंची।
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सब रजिस्ट्रार पुष्पेंद्र यादव ने जांच की तो पता चला कि ज्योति शर्मा पेशी के लिए जेल से निकली थी और बंदीरक्षकों को अपने साथ लेकर रजिस्ट्री आफिस पहुंच गई और मकान बेच दिया। जिलाधिकारी नितिन बंसल ने प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश कर दिया है। एसएसपी से कहा है कि वह इस पूरे मामले में बंदीरक्षकों की भी जांच कराएं।
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हाईवे थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालाजीपुरम निवासी राजू शर्मा की पत्नी ज्योति शर्मा हत्या के एक आरोप में जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि उसने अपने मकान का बैनामा करने के लिए डीएम से पैरोल मांगी थी। डीएम ने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण पैरोल देने से इनकार कर दिया। महिला ने पैरोल की जो अर्जी लगाई थी, उसमें अपने पति का नाम और घर का पता बदल दिया था।
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पैरोल नहीं मिली तो ज्योति ने 27 अक्तूबर को पेशी पर आने के दौरान रजिस्ट्री दफ्तर पर पहुंचकर लक्ष्मीपुरा कालोनी में स्थित अपने मकान को बलराम पुत्र रामगोपाल निवासी बलदेव को बेच दिया। इसमें रिंकू शर्मा और लक्ष्मीनारायण गवाह बने हैं। पूरे मामले का खुलासा एक शिकायत से हुआ जो डीएम से लेकर रजिस्ट्री दफ्तर तक पहुंची।
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सब रजिस्ट्रार पुष्पेंद्र यादव ने जांच की तो पता चला कि ज्योति शर्मा पेशी के लिए जेल से निकली थी और बंदीरक्षकों को अपने साथ लेकर रजिस्ट्री आफिस पहुंच गई और मकान बेच दिया। जिलाधिकारी नितिन बंसल ने प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश कर दिया है। एसएसपी से कहा है कि वह इस पूरे मामले में बंदीरक्षकों की भी जांच कराएं।