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ग्राम सुरक्षा समितियां बनेंगी पुलिस को अपराध सूचना का आधार
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:07 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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अपराध व ग्रामीण इलाकों में मामूली बात पर पनपने वाली रंजिश को रोकने में नाकाम हो रही पुलिस ग्राम सुरक्षा समितियों को सूचना का आधार बनाएगी। साथ ही ग्राम चौकीदारों से तालमेल कर अपराध नियंत्रण पर काम किया जाएगा। चुने गए नए ग्राम पंचायतों में ग्राम सुरक्षा समिति का नए सिरे से गठन किया जाएगा।
जनपद के 20 थाना क्षेत्र में कई थाने व चौकी ऐसे हैं जिनमें 50 से अधिक गांव व मजरे हैं। वहीं पुलिस बल की कमी व अन्य कामों के चलते महीनों तक गांव में थानों चौकियों से एक भी पुलिस कर्मी नहीं पहुंचता और गांव में पनपने वाली रंजिश व अपराधिक गतिविधियों के लोगों की जानकारी पुलिस को नहीं हो पाती है।
इसमें पूर्व से गठित ग्राम सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। इसमें सैकड़ों ऐसी ग्राम पंचायत हैं जहां नए प्रधान चुने गए हैं और वहां ग्राम सुरक्षा समिति की थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारियों ने मीटिंग नहीं की है। समिति के लोगों का ग्राम चौकीदार से कोई तालमेल भी नहीं है।
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अब पुलिस सूचना की प्रथम कड़ी को फिर से सक्रिय करेगी। इसके लिए थानाध्यक्ष, बीट दरोगा व बीट सिपाही गांवों में जाकर बैठक कर समितियों का गठन करेंगे। इसके लिए थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम चौकीदार व ग्राम सुरक्षा समिति आपराधिक सूचना का प्रथम आधार होती है। निष्क्रय हुई समितियों को फिर से सक्रिय व नई समितियों का गठन किया जाएगा। थानों के रजिस्टर नं आठ में इसे इंद्राज कराया जाएगा और बीट दरोगा, सिपाही समिति के लोगों से लगातार सम्पर्क में रहेंगे और बैठक करेंगे।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी
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जनपद के 20 थाना क्षेत्र में कई थाने व चौकी ऐसे हैं जिनमें 50 से अधिक गांव व मजरे हैं। वहीं पुलिस बल की कमी व अन्य कामों के चलते महीनों तक गांव में थानों चौकियों से एक भी पुलिस कर्मी नहीं पहुंचता और गांव में पनपने वाली रंजिश व अपराधिक गतिविधियों के लोगों की जानकारी पुलिस को नहीं हो पाती है।
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इसमें पूर्व से गठित ग्राम सुरक्षा समितियों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। इसमें सैकड़ों ऐसी ग्राम पंचायत हैं जहां नए प्रधान चुने गए हैं और वहां ग्राम सुरक्षा समिति की थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारियों ने मीटिंग नहीं की है। समिति के लोगों का ग्राम चौकीदार से कोई तालमेल भी नहीं है।
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अब पुलिस सूचना की प्रथम कड़ी को फिर से सक्रिय करेगी। इसके लिए थानाध्यक्ष, बीट दरोगा व बीट सिपाही गांवों में जाकर बैठक कर समितियों का गठन करेंगे। इसके लिए थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम चौकीदार व ग्राम सुरक्षा समिति आपराधिक सूचना का प्रथम आधार होती है। निष्क्रय हुई समितियों को फिर से सक्रिय व नई समितियों का गठन किया जाएगा। थानों के रजिस्टर नं आठ में इसे इंद्राज कराया जाएगा और बीट दरोगा, सिपाही समिति के लोगों से लगातार सम्पर्क में रहेंगे और बैठक करेंगे।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी