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झेलम एक्सप्रेस में लावारिस बैग से सनसनी
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 23 Apr 2016 11:34 PM IST
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झेलम एक्सप्रेस में लावारिस बैग से सनसनी
- फोटो : अमर उजाला
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झेलम एक्सप्रेस के एस-6 कोच में एक लावारिस बैग और सूटकेस होने की सूचना पर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। ट्रेन आने से पहले ही जीआरपी के सिपाही प्लेटफार्म पर पहुंच गए।
कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर जीआरपी ने ट्रेन स्टेशन पर पहुंचते ही कोच में रखे लावारिस बैग और सूटकेस को सावधानी पूर्वक उतारा। इसके बाद इन्हें जीआरपी थाने ले जाया गया।
यहां जांच करने के बाद पांच सदस्यीय समिति के समक्ष सूटकेस और बैग को खोला गया। इनमें कपडे़, सेना की वर्दी और कागजात मिलने के बाद जीआरपी ने राहत की सांस ली।
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बैग में मिले मोबाइल नंबरों पर फोन किया गया तो पता चला कि यह सेना में कार्यरत युवक के हैं। गलती से यह ट्रेन में छूट गए हैं। जीआरपी निरीक्षक पूरन सिंह चौहान ने बताया कि बैग में मिले मोबाइल नंबर पर सूचना दे दी गई है।
लाल बैग देखकर हाथ पैर फूले
ट्रेन में लावारिस मिले बैग में से एक सूटकेस का रंग लाल था। लाल रंग का लावारिस सूटकेस मिलने से जीआरपी के हाथ पैर फूल गए। वर्ष 2013 में भी ट्रेन में एक लाल रंग का लावारिस सूटकेस मिला था, इसमें एक युवती की लाश मिली थी। सूटकेस खुलने के बाद इसमें कुछ नहीं मिला तो जीआरपी ने राहत की सांस ली।
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कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर जीआरपी ने ट्रेन स्टेशन पर पहुंचते ही कोच में रखे लावारिस बैग और सूटकेस को सावधानी पूर्वक उतारा। इसके बाद इन्हें जीआरपी थाने ले जाया गया।
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यहां जांच करने के बाद पांच सदस्यीय समिति के समक्ष सूटकेस और बैग को खोला गया। इनमें कपडे़, सेना की वर्दी और कागजात मिलने के बाद जीआरपी ने राहत की सांस ली।
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बैग में मिले मोबाइल नंबरों पर फोन किया गया तो पता चला कि यह सेना में कार्यरत युवक के हैं। गलती से यह ट्रेन में छूट गए हैं। जीआरपी निरीक्षक पूरन सिंह चौहान ने बताया कि बैग में मिले मोबाइल नंबर पर सूचना दे दी गई है।
लाल बैग देखकर हाथ पैर फूले
ट्रेन में लावारिस मिले बैग में से एक सूटकेस का रंग लाल था। लाल रंग का लावारिस सूटकेस मिलने से जीआरपी के हाथ पैर फूल गए। वर्ष 2013 में भी ट्रेन में एक लाल रंग का लावारिस सूटकेस मिला था, इसमें एक युवती की लाश मिली थी। सूटकेस खुलने के बाद इसमें कुछ नहीं मिला तो जीआरपी ने राहत की सांस ली।