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गिर्राज मिष्ठान भंडार ने सरेंडर किए 3.5 करोड़
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:37 PM IST
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गोवर्धन के मिष्ठान विक्रेता के यहां की गई सर्वे कार्रवाई में आयकर विभाग के अफसरों को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीमें पूरी रात रिकॉर्ड खंगालती रहीं और सुबह तक प्रतिष्ठान के स्वामी ने 3.5 करोड़ की धनराशि सरेंडर कर दी।
इसके अलावा होटल बना रही कंस्ट्रक्शन कंपनी भी अपने 60 लाख रुपये का हिसाब नहीं दिखा सकी।
गुरुवार की दोपहर आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देशन में आयकर अफसरों की टीम ने गोवर्धन के गिर्राज मिष्ठान भंडार और होटल बना रही कंपनी वीवाई कंस्ट्रक्शन के आय स्त्रोतों की पड़ताल की।
यहां अफसरों की टीमों ने मिष्ठान विक्रेता के गोदाम, प्रतिष्ठान पर जांच की। ये कार्रवाई शुक्रवार भोर तक चली। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अफसरों द्वारा आय के संदर्भ में पूछे गए सवालों से घिरे मिठाई विक्रेता ने 3.5 करोड़ की आय सरेंडर कर दी, जिसका उल्लेख रिटर्न में नहीं किया था।
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इसी प्रकार निर्माण कंपनी वीवाई कंस्ट्रक्शन ने अपनी 60 लाख की आय अधिकारियों के हवाले कर दी। पूरी कार्रवाई में विभाग को सरेंडर 4.10 करोड़ की धनराशि पर 33.99 प्रतिशत के हिसाब से 1.39 करोड़ की धनराशि बतौर राजस्व मिलेगी।
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इसके अलावा होटल बना रही कंस्ट्रक्शन कंपनी भी अपने 60 लाख रुपये का हिसाब नहीं दिखा सकी।
गुरुवार की दोपहर आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देशन में आयकर अफसरों की टीम ने गोवर्धन के गिर्राज मिष्ठान भंडार और होटल बना रही कंपनी वीवाई कंस्ट्रक्शन के आय स्त्रोतों की पड़ताल की।
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यहां अफसरों की टीमों ने मिष्ठान विक्रेता के गोदाम, प्रतिष्ठान पर जांच की। ये कार्रवाई शुक्रवार भोर तक चली। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अफसरों द्वारा आय के संदर्भ में पूछे गए सवालों से घिरे मिठाई विक्रेता ने 3.5 करोड़ की आय सरेंडर कर दी, जिसका उल्लेख रिटर्न में नहीं किया था।
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इसी प्रकार निर्माण कंपनी वीवाई कंस्ट्रक्शन ने अपनी 60 लाख की आय अधिकारियों के हवाले कर दी। पूरी कार्रवाई में विभाग को सरेंडर 4.10 करोड़ की धनराशि पर 33.99 प्रतिशत के हिसाब से 1.39 करोड़ की धनराशि बतौर राजस्व मिलेगी।