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पुलिस मुठभेड़ में इनामी शेर खां गिरफ्तार, साहून फरार
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:29 AM IST
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शेर खां
- फोटो : अमर उजाला मथुरा
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बरसाना में कामां रोड पर डहरौली पुलिया के पास मंगलवार की सुबह हुई मुठभेड़ के बाद दिल्ली और मथुरा पुलिस ने सवा लाख के इनामी गैंगेस्टर शेर खां को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उसका साथी कुख्यात साहून फरार हो गया। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और दिल्ली सहित सात राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना शेर खां 2012 में मध्य प्रदेश पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। करीब आधा घंटा चली मुठभेड़ में पुलिस कर्मियों को भी गोली लगी लेकिन वे बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बच गए।
स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिव कुमार को सूचना मिली थी शेरखान अपने साथी साहून के साथ बरसाना होकर अपने गांव विशंबरा आएगा। सूचना के बाद दिल्ली पुलिस बरसाना पहुंची और बरसाना थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उदय प्रताप से सहयोग मांगा। भरतपुर के रास्ते से मथुरा की तरफ अपने गांव विशंभरा आ रहे साहून और उसके राइट हैंड शेर खां ने घेराबंदी देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ में पुलिस और बदमाशों के बीच 35 राउंड गोलियां चलीं। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि पकड़ा गया सवा लाख का इनामी शेर खां हैं। उसके कब्जे से नौ कारतूसों के साथ 7.65 एमएम की स्वचालित पिस्टल, बैग से 20 कारतूस के साथ 9 एमएम की स्वचालित कारबाइन और अपाचे बाइक बरामद हुई है। एसएसपी ने बताया कि भागा हुआ साहून मेव भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा। मथुरा पुलिस की बड़ी सफलता पर आइजी सुजीत पांडेय ने टीम को 15 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।
स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने भी उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस पांच गैंगस्टर शेरखां, साहून , लीलू उर्फ फौजी, सरवर पहलवान और लियाकत को 26 दिसंबर, 2012 को उज्जैन जेल से भोंडसी जेल लेकर जा रही थी। इन्होंने पुलिसकर्मियों को दूध में नशीला पदार्थ पिला दिया था और पांचों पुलिसकर्मियों के हथियार लेकर फरार हो गए थे। हालांकि सरवर पहलवान मौके पर ही पकड़ लिया गया था जबकि लियाकत ने अगले दिन सरेंडर कर दिया था।
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बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाई जान
पुलिस ने बदमाशों को घेरा तो उन्होंने पुलिस सीधे फायरिंग कर दी। गोली इंस्पेक्टर शिव कुमार, उदय प्रताप व एसआई प्रदीप यादव को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट के चलते वह बच गए। दो गोलियां पुलिस की जीप में भी लगी है। अपने बचाव में दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस ने भी फायरिंग की थीं। आखिरकार पुलिस ने शेरखां को दबोच लिया, जबकि साहून अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ बरसाना थाने पर मामला दर्ज किया गया है।
फरार होने के बाद कीं ताबड़तोड़ वारदात
शेरखां ने पूछताछ में बताया कि पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद उसने साहून व लीलू के साथ कई जगह पनाह ली थी। पुलिस की सख्ती बढ़ी तो वह दक्षिण भारत चला गया। उसने इन दोनों साथियों के साथ पिछले एक वर्ष में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली व तेलंगाना में फिरौती के लिए अपहरण, दो पेट्रोल पंप पर लूटपाट, दस कार जैकिंग, दो एटीएम लूटपाट और छह ट्रक जैकिंग आदि वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से 20 आपराधिक वारदात को सुलझाने का दावा किया है।
हारून से चल रही है गैंगवार
आरोपी ने बताया कि कि उसकी व साहून की हारून से गैंगवार चल रही है। हारून साहून के गांव का रहने वाला है। शेर खां व साहून ने हारून के पिता व चाचा की हत्या कर दी थी। इसका बदला लेने के लिए हारून ने साहून के परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी थी। हारून व उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने के लिए कारबाइन व मैगजीन खरीदी थी।
दिल्ली में मकोका के केस में वांछित था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आठवीं में पढ़ाई छोड़ने के बाद शेरखां गलत संगत में पड़ गया था। इसके बाद ये सल्ली व जाफरू भाइयों के मेवाती गिरोह में शामिल हो गया। नुंह पुलिस ने इसे वर्ष 2008 में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2010 में जेल से बाहर आने के बाद लूटपाट की कई वारदात की। गुडग़ांव पुलिस ने 2012 में फिर गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2013 में इसके खिलाफ मकोका लगा दिया था। सल्ली व जाफरू गिरोह का सक्रिय सदस्य होने के कारण इसके खिलाफ मकोका लगाया गया। ये ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुआ था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।
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स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिव कुमार को सूचना मिली थी शेरखान अपने साथी साहून के साथ बरसाना होकर अपने गांव विशंबरा आएगा। सूचना के बाद दिल्ली पुलिस बरसाना पहुंची और बरसाना थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उदय प्रताप से सहयोग मांगा। भरतपुर के रास्ते से मथुरा की तरफ अपने गांव विशंभरा आ रहे साहून और उसके राइट हैंड शेर खां ने घेराबंदी देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ में पुलिस और बदमाशों के बीच 35 राउंड गोलियां चलीं। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि पकड़ा गया सवा लाख का इनामी शेर खां हैं। उसके कब्जे से नौ कारतूसों के साथ 7.65 एमएम की स्वचालित पिस्टल, बैग से 20 कारतूस के साथ 9 एमएम की स्वचालित कारबाइन और अपाचे बाइक बरामद हुई है। एसएसपी ने बताया कि भागा हुआ साहून मेव भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा। मथुरा पुलिस की बड़ी सफलता पर आइजी सुजीत पांडेय ने टीम को 15 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।
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स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने भी उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस पांच गैंगस्टर शेरखां, साहून , लीलू उर्फ फौजी, सरवर पहलवान और लियाकत को 26 दिसंबर, 2012 को उज्जैन जेल से भोंडसी जेल लेकर जा रही थी। इन्होंने पुलिसकर्मियों को दूध में नशीला पदार्थ पिला दिया था और पांचों पुलिसकर्मियों के हथियार लेकर फरार हो गए थे। हालांकि सरवर पहलवान मौके पर ही पकड़ लिया गया था जबकि लियाकत ने अगले दिन सरेंडर कर दिया था।
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बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाई जान
पुलिस ने बदमाशों को घेरा तो उन्होंने पुलिस सीधे फायरिंग कर दी। गोली इंस्पेक्टर शिव कुमार, उदय प्रताप व एसआई प्रदीप यादव को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट के चलते वह बच गए। दो गोलियां पुलिस की जीप में भी लगी है। अपने बचाव में दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस ने भी फायरिंग की थीं। आखिरकार पुलिस ने शेरखां को दबोच लिया, जबकि साहून अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ बरसाना थाने पर मामला दर्ज किया गया है।
फरार होने के बाद कीं ताबड़तोड़ वारदात
शेरखां ने पूछताछ में बताया कि पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद उसने साहून व लीलू के साथ कई जगह पनाह ली थी। पुलिस की सख्ती बढ़ी तो वह दक्षिण भारत चला गया। उसने इन दोनों साथियों के साथ पिछले एक वर्ष में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली व तेलंगाना में फिरौती के लिए अपहरण, दो पेट्रोल पंप पर लूटपाट, दस कार जैकिंग, दो एटीएम लूटपाट और छह ट्रक जैकिंग आदि वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से 20 आपराधिक वारदात को सुलझाने का दावा किया है।
हारून से चल रही है गैंगवार
आरोपी ने बताया कि कि उसकी व साहून की हारून से गैंगवार चल रही है। हारून साहून के गांव का रहने वाला है। शेर खां व साहून ने हारून के पिता व चाचा की हत्या कर दी थी। इसका बदला लेने के लिए हारून ने साहून के परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी थी। हारून व उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने के लिए कारबाइन व मैगजीन खरीदी थी।
दिल्ली में मकोका के केस में वांछित था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आठवीं में पढ़ाई छोड़ने के बाद शेरखां गलत संगत में पड़ गया था। इसके बाद ये सल्ली व जाफरू भाइयों के मेवाती गिरोह में शामिल हो गया। नुंह पुलिस ने इसे वर्ष 2008 में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2010 में जेल से बाहर आने के बाद लूटपाट की कई वारदात की। गुडग़ांव पुलिस ने 2012 में फिर गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2013 में इसके खिलाफ मकोका लगा दिया था। सल्ली व जाफरू गिरोह का सक्रिय सदस्य होने के कारण इसके खिलाफ मकोका लगाया गया। ये ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुआ था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।